संपत्ति का झांसा देकर विधवा का शारीरिक शोषण करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जनपद पिथौरागढ़ की मूल निवासी पीड़ित विधवा का कहना है कि उसके पति का एक वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद वह एक निजी अस्पताल में काम करने लगी। उसका हल्द्वानी में एक महिला और पुरुष से संपर्क हुआ। उन्होंने उसे बताया कि रुद्रपुर में एक व्यक्ति की पत्नी का निधन हो चुका है वह दूसरी शादी करना चाहता है।
पीड़िता के मुताबिक उक्त लोगों ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों ने आवास विकास रुद्रपुर निवासी कृष्ण अवतार शर्मा से उसकी मुलाकात कराई। उसे बताया गया कि शादी के पश्चात वह अपनी संपत्ति का एक चौथाई हिस्सा उसे दे देगा। महिला का कहना है कि वह कृष्ण अवतार की बातों में आ गई।
इसके अलावा कृष्ण अवतार ने उसे अन्य प्रलोभन देकर भी गुमराह किया। महिला का आरोप है कि 18 मार्च 2016 को कृष्ण अवतार व मध्यस्थता करने वाले महिला पुरुष विशेष विवाह अधिकारी न्यायालय ले गये जहां उसे स्टांप पेपर दिखाया गया और बताया गया कि शादी हो गई है।
महिला का आरोप है कि उसके बाद कृष्ण अवतार उससे मिलता रहा और उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीड़िता का आरोप है कि उसे ज्ञात हुआ कि कोर्ट में 35 दिन बाद उपस्थित होना अनिवार्य होता है, लेकिन कृष्ण अवतार ने उसे न्यायालय में उपस्थित नहीं किया।
महिला का आरोप है कि 24 मई 2016 को कृष्ण अवतार उसके दोनों पुत्र सोनू शर्मा व मोंटू शर्मा एवं पुत्रवधू मोनिका व उषा ने उससे मारपीट की और घर से निकाल दिया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।