जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी अनशन कर रहे 10 श्रमिकों के ग्लूकोज चढ़ाने से इनकार करने पर शनिवार देर रात पुलिसकर्मियों ने श्रमिकों के हाथ-पैर पकड़कर ग्लूकोज चढ़वाया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि जबरन ग्लूकोज चढ़ाने के दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने मारपीट भी की। ग्लूकोज चढ़ाने के दौरान श्रमिकों का काफी खून भी बहा। रविवार सुबह अस्पताल में भर्ती अधिकतर श्रमिक और उनके परिजन आपबीती सुनाने के दौरान फफककर रो पड़े।
एसडीएम युक्ता मिश्रा शनिवार रात करीब 10 बजे जिला अस्पताल में भर्ती श्रमिकों का हाल जानने पहुंचीं थी। उन्होंने श्रमिकों को ग्लूकोज चढ़वाने बात कही लेकिन श्रमिक नहीं माने। इसके बाद रात करीब एक बजे पुलिस और प्रशासन की टीम जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सभी भर्ती श्रमिकों को जबरन ग्लूकोज चढ़वा दिया।
आरोप है कि इस दौरान श्रमिकों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी गई। धक्कामुक्की के दौरान कई श्रमिकों का खून भी बहा। अस्पताल में भर्ती मिंडा श्रमिक तारा आर्या ने एक महिला पुलिसकर्मी पर उसके बाल पकड़कर कई थप्पड़ मारने का आरोप लगाया।
इंटार्क कंपनी के श्रमिक अजीत कुमार ने एक पुलिसकर्मी पर गुप्तांगों पर चोट करने का भी आरोप लगाया। इंटार्क श्रमिकों के परिजन निहारिका, अखिलेश पांडे और जरीना बेगम आपबीती सुनाने के दौरान रो पड़े। श्रमिक आशा, हेम कबडवाल, हेम चंद्र और विजय पांडे ने भी पुलिस कर्मियों पर हाथापाई का आरोप लगाया।
इधर, सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों का हाल जाना। वहीं सिडकुल चौकी इंचार्ज केजी मठपाल ने श्रमिकों के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। रविवार को दिनभर जिला अस्पताल में पुलिस फोर्स तैनात रही।
श्रमिकों के भोजन न करने के कारण उनके शरीर को एनर्जी देने के लिए ग्लूकोज चढ़वाया गया था। भर्ती श्रमिक परिजन निहारिका सिंह की तबीयत थोड़ी बिगड़ी थी लेकिन अब ठीक है। यदि श्रमिकों ने सोमवार को भी भोजन नहीं किया तो उनकी हालत और ज्यादा खराब हो सकती है।
- डॉ. टीडी रखोलिया, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल।
गांधी पार्क और इंटार्क फैक्ट्री के गेट पर जारी रहा अनशन
रुद्रपुर। श्रमिकों के आर्थिक शोषण के खिलाफ रविवार को भी स्पार्क मिंडा श्रमिकों का गांधी पार्क और इंटार्क श्रमिकों का कंपनी गेट पर अनशन जारी रहा। गांधी पार्क पर श्रमिक सपना, जमुना, मदन बोरा और प्रकाश भट्ट अनशन पर डटे रहे। उन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। उधर, इंटार्क फैक्ट्री गेट पर श्रमिक आशा सिंह, सुशीला देवी, सुनीता देवी, रंजीत पाल, उमेश मिश्रा, दीनानाथ शुक्ला और बिरजू गिरि अनशन पर बैठे रहे।