ससुराल से बाइक पर घर लौट रहे उत्तराखंड पुलिस के जवान और उसकी पत्नी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिसकर्मी श्याम सिंह उर्फ श्यामू 30 पुत्र लाल सिंह और उसकी पत्नी दीपा सिंह शनिवार देर शाम ससुराल मझोला से घर बनगवां लौट रहे थे। कलेक्टर फार्म के मोड़ पर अज्ञात वाहन की चपेट में आकर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सीएचसी में लाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंचे एसआई गोपाल सिंह बिष्ट ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, घर के इकलौते पुत्र श्याम सिंह और उसकी पत्नी की मौत की खबर के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। मृतक जवान श्याम सिंह सोमेश्वर बागेश्वर में तैनात है जिसे कुछ समय से कुंभ ड्यूटी पर हरिद्वार भेजा गया था।
वह बहन की शादी की तैयारी के लिए छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। बहन के रिश्ते के चलते शनिवार को घर पर रिश्तेदार आए थे। जिसके बाद देर सायं वह पत्नी दीपा को साथ लेकर सास को छोड़ने मझोला आया। मझौला से वापसी के दौरान यह घटना घटित हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर परिजन और पुलिस पहुंच गई और उन्हें अस्पताल लाया गया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दंपति के शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता लाल सिंह ने दोनों को मुखाग्नि दी। बाजार चौकी प्रभारी डीएस पांगती सहित पुलिस टीम ने सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी। जवान की अंतिम यात्रा में देवेंद्र चंद, राजेश पटेल, अंकित सिंह, गुरदयाल सिंह, गोविंद राम, मुकेश कुमार सक्सेना, जगजीत सिंह, विशाल आदि शामिल हुए।
चार बहनों का इकलौत भाई था श्याम
खटीमा। गरीबी के माहौल में पले बढ़े श्याम सिंह की चार बहिनें हैं जिनमें तीन बड़ी बहिनों की शादी हो चुकी है और पारिवारिक स्थिति सुधरने के बाद वह अपनी छोटी बहिन की शादी बड़ी धूमधाम से करना चाह रहा था। इसी की तैयारी के लिए वह छुट्टी लेकर घर आया था। इधर, पिता लाल सिंह हृदयरोगी है ऐसे में इस परिवार पर विपत्तियों का कहर टूट पड़ा है।