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जूते के निशान से चोर तक पहुंची पुलिस

Wed, 22 Aug 2018 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ ऊधमसिंह नगर
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पुलिस हिरासत में पकड़ा गया चोरी का आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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घटनास्थल पर मिले जूते के निशान से पुलिस ने कोरियर कंपनी में हुई चोरी का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कंपनी में कार्यरत डिलीवरी कर्मचारी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर 9.42 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक कब्जे में लेकर कंपनी के सीसीटीवी सिस्टम से निकाली गई डीबीआर भी बरामद कर ली है।
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17/18 अगस्त की रात बाइक सवार युवक ने आर्यनगर स्थित डिलीवरी कोरियर कंपनी के शाखा कार्यालय से लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली थी। घटना को अंजाम देने से पूर्व उसने वहां सीसीटीवी सिस्टम में लगी डीबीआर भी निकाल ली थी। पुलिस ने कंपनी के एक्जीक्यूटिव अरुण कुमार आर्य की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और कंपनी के डिलीवरी ब्वाय को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर वहां कार्यरत बाजपुर रोड स्थित ग्राम हेमपुर इस्माइल निवासी दिग्विजय सिंह शक के दायरे में आ गया। पुलिस की सख्ती के चलते उसने कंपनी में चोरी करने की बात कबूल ली। घटनास्थल पर पाए गए पैरों के निशान का उसके जूते से मिलान हो गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कंपनी के गल्ले से चुराए गए नौ लाख 42 हजार 670 रुपये और बहल्ला नदी की झाड़ियों से सीसीटीवी की डीबीआर बरामद कर ली है। टीम में एसएसआई बच्ची सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक जयपाल सिंह, दिनेश बल्लभ, कांस्टेबल हरीश सनवाल, मनोज कोहली, सतीश भट्ट आदि थे।
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विश्वास में टीम लीडर को गच्चा दे गया दिग्विजय  
काशीपुर। विश्वास के चलते टीम लीडर अमरेश कुमार रकम की गिनती कराने और उसे गल्ले में सुरक्षित रखने के लिए दिग्विजय सिंह की मदद लेता था। अमरेश अकसर उसे गल्ले की चाभी सौंप देता था। 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के चलते 17 अगस्त को बैंकों की भी छुट्टी रही। इस कारण दो दिन की संग्रह राशि बैंक में जमा नहीं हो सकी थी। उसी शाम टीम लीडर ने दिग्विजय को रकम गिनकर गल्ले में रखने के लिए सौंपी।

उसने गल्ले में रकम तो रख दी लेकिन गल्ला लॉक किए बगैर चाभी वापस लौटा दी। जाते-जाते उसने साइड वाले शटर का लॉक भी नहीं लगाया। कंपनी के मुख्य शटर में ताले लगाने के बाद उसकी चाभियां भी दिग्विजय ने टीम लीडर को सौंप दी। इसके बाद दोनों ने एक होटल पर साथ खाना खाया। वहां से टीम लीडर अमरेश को उसके गौतमनगर स्थित मकान पर छोड़कर दिग्विजय बाइक से कंपनी पहुंचा। उसने प्लान की तहत साइड वाले शटर का सेंटर लॉक तोड़ दिया। गल्ले से करीब साढ़े नौ लाख की रकम निकालने के बाद वह सीसीटीवी की डीवीआर निकालकर चला गया। फुटेज में बाइक का नंबर आने के कारण वह धरा गया।  
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