कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी से हाथापाई कर सरकारी कामकाज में बाधा डालने और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में वांछित चल रहे सात आरोपियों के घरों पर पुलिस ने कुर्की के नोटिस चस्पा कर दिए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस अदालत से धारा 83 का वारंट लेने के बाद उनके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई करेगी।
ग्राम जुड़का में अवैध खनन करने के मामले में चार डंपरों को सीज किए जाने के विरोध में बीती 26 मार्च की सुबह सैकड़ों लोगों ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के नेतृत्व में कुंडेश्वरी चौकी का घेराव किया था। इस दौरान चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी से अभद्रता की गई। पुलिस ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय समेत 20 लोगों को नामजद किया था। इसके अलावा सौ से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में 10 और लोगों को चिह्नित किया गया है। विवेचनाधिकारी एसएसआई विनोद जोशी ने बताया कि मामले में वांछित चल रहे सात आरोपियों के खिलाफ एसीजेएम अदालत से गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बाद विवेचना अधिकारी ने एक अप्रैल को एसीजेएम कोर्ट में सातों आरोपियों स्टोन क्रेशर स्वामी दीपक बाली, मलकीत सिंह, गुरपेज सिंह, सोनू चौधरी, गुरमीत सिंह, बलविंदर उर्फ बिल्ला और जिंदर सिंह उर्फ जिंदू के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया है।
शुक्रवार को एसएसआई विनोद जोशी और एसआई दिनेश बल्लभ ने मौके के गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों के घरों पर कुर्की नोटिस चस्पा किए। गिरफ्तारी के भय से लोग परिवार समेत घरों में ताला लगाकर फरार हैं। गुलजारपुर और जुड़का समेत कुछ गांवों में दर्जनों घरों पर ताले लटके हैं। उधर, पुलिस टीमें अन्य वांछित आरोपियों की तलाश के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिशें दे रही है। इधर, एससएसआई विनोद जोशी ने बताया कि कैबिनेट मंत्री पांडेय के खिलाफ जांच विचाराधीन है, जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।