फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट-तोड़फोड़ का आरोप

Mon, 04 Mar 2019 12:26 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
घायल महिला माया देवी व पुत्री कुसुमलता। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

किरायेदारों का सत्यापन करने गई पुलिस टीम पर एक परिवार ने घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। पुलिस की पिटाई से बेहोश महिला और उसकी बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर, पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है।

विज्ञापन

 
रविवार को ट्रांजिट थाने के चार सिपाही और एक महिला कांस्टेबल आजादनगर क्षेत्र में किरायेदारों का सत्यापन करने पहुंचे थे। उन्होंने एक घर में रह रहे हरदासपुर थाना अमरिया जिला पीलीभीत यूपी निवासी गंगाराम के परिवार का सत्यापन न होने की बात कहते हुए दस हजार का चालान काट दिया। 

आरोप है कि परिवार ने इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने गंगाराम के इकलौते बेटे तरनजीत पर को पीटना शुरू कर दिया। इस पर मां माया देवी और बहन कुसुम लता ने उसे बचाने की कोशिश की तो पुलिस कर्मियों ने तरनजीत को छोड़ माया और कुसुम को ही पीटना शुरू कर दिया। 
विज्ञापन


आरोप है कि पुलिस ने दोनों मां-बेटियों को बाल पकड़कर घसीटा और घर में रखा टीवी, अन्य सामान भी तोड़ डाला। इस पर कुसुम और माया बेहोश हो गई। उन्हें तत्काल ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। माया की बड़ी बेटी विमलेश का आरोप है कि महिला कांस्टेबल घर के बाहर ही खड़ी रही और चार पुलिस कर्मी उसके परिवार के साथ गालीगलौज कर मारपीट करते रहे। उसने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। 
----
आजादनगर में सत्यापन चल रहा था। गंगाराम का परिवार बिना सत्यापन के रहते हुए मिला था। पुलिस कर्मियों ने चालान किया और महिला कांस्टेबल भी साथ थी। पुलिस ने किसी के साथ मारपीट और घर में तोड़फोड़ नहीं की है। परिवार की ओर से गलत आरोप लगाए गए हैं।
विद्यादत्त जोशी थानाध्यक्ष, ट्रांजिट कैंप।

पुुलिस पर लगे आरोपों की होगी जांच : एसपी सिटी
पुलिस कर्मी सत्यापन करने गए थे। लेकिन सत्यापन की जिम्मेदारी गंगाराम के मकान मालिक की होती है। किराएदारों ने पुलिस टीम से अभद्रता की। किरायेदार ने सत्यापन चालान पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और दरोगा से महिलाएं भिड़ने लगीं। इसके बाद भी अगर टीम पर कोई आरोप लगाया है तो उसकी जांच कराएंगे। 
विज्ञापन

- देवेंद्र पींचा एसपी सिटी, रुद्रपुर।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें