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पंत विवि में सुलग रही असंतोष की आग

Thu, 18 Aug 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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पं. गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय अंदरखाने अपने ही प्रोफेसरों और कर्मचारियों के असंतोष की आग में झुलसने लगा है। अब प्रोफेसर और कर्मचारियों की लामबंदी भविष्य में विश्वविद्यालय को टकराव की स्थिति की ओर ले जा रही है। यह बात भी अहम है कि कुछ मामलों में शिक्षक, प्रोफेसर और कर्मचारियों को सही जानकारी नहीं होने से भी भटकाव की स्थिति पैदा हो गई है। 
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कृषि को विश्व स्तर पर नई दिशा देने वाला पंतनगर विश्वविद्यालय अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के कृषि वैज्ञानिकों ने अपनी काबलियत के दम पर पूरे विश्व में प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कृषि पर आधारित नई खोजों के साथ ही शिक्षा के लिहाज से भी यह विश्वविद्यालय अपनी अलग पहचान रखता है। लेकिन यहां के छात्रों की प्रतिभा को निखारने वाले प्रोफेसर और कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। 

वेतन बढ़ोतरी, एरियर, पेंशन आदि कई मांगों को लेकर प्रोफेसर और कर्मचारियों में अंदरखाने लंबे समय से असंतोष पनप रहा है। यूनिवर्सिटी कैंपस में अपना अधिकांश समय बिताने वाले प्रोफेसर और कर्मचारियों ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। असंतुष्ट होकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और कर्मचारी अब मांगों को लेकर लामबंद हो गए हैं। 
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दो दिन पहले मांगों को लेकर उन्होंने मोर्चा खोल दिया है। जिससे विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित होने लगा है। प्रोफेसरों की लामबंदी से पढ़ाई प्रभावित होने से कालेज के हजारों छात्र खासे चिंतित हैं। मांगों की सुनवाई जल्दी नहीं हुई तो शिक्षण कार्य ठप रहने से उनकी पढ़ाई चौपट हो सकती है। ऐसे में शिक्षण कार्य को लेकर छात्रों और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की भी आशंका है।

35 से 40 हजार रुपये प्रति माह नुकसान हो रहा

विवि के वित्त नियंत्रण हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार विवि के शिक्षकों का वेतनमान होना चाहिए। पेंशन प्रणाली को खत्म किया जा रहा है। जब भी हम लोग अपनी मांगों को लेकर संपर्क करते हैं तो कोई सुनवाई नहीं होती। हमारे साथ तानाशाह रवैया अपनाया जा रहा है। लंबे समय से एरियर का भी लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे प्रत्येक शिक्षक-प्रोफेसर को 35 से 40 हजार रुपये प्रति माह नुकसान हो रहा है। हमारी मांगों पर जब तक सुनवाई नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा।
समिति- पीएन सिंह, अध्यक्ष, पंत विश्वविद्यालय शिक्षक
राज्य सरकार से समाधान निकलना है

विवि के शिक्षक जो मांगें मनवाना चाहते हैं, उसमें राज्य सरकार से ही समाधान निकलना है। हमारे स्तर से कोई उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है। एरियर का मामला भी प्रोजेक्ट के आधार पर होता है। जब तक प्रोजेक्ट चलता है तब तक सभी भत्ते भी लागू होते हैं। शिक्षक जो छठे वेतन आयोग की मांग कर रहे हैं, पूरे देश में किसी भी यूनिवर्सिटी में वह वेतनमान लागू नहीं है। अभी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखे जाएंगे उसके बाद कैबिनेट की बैठक में कुछ मांगों पर प्रस्ताव पास होना है। उसके बाद विधानसभा उसे पास करके आगे भेजेगी। विवि प्रशासन की ओर से किसी भी शिक्षक, प्रोफेसर और कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं किया जा रहा है। 
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 पंकज तिवारी, वित्त नियंत्रक, पंत विवि
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