न्यूजीलैंड निवासी एक युवती ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एलआईयू के एक दरोगा और पुलिस कर्मी पर उसका मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। युवती का यह भी आरोप है कि उसके विरोध करने पर पुलिस ने गलत आरोप लगाकर उसे आठ दिन जेल में बंद रखा और न्यूजीलैंड एंबेसी को भी इसकी सूचना नहीं दी।
बुधवार दोपहर अपने पति शोएब अहमद के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची न्यूजीलैंड निवासी रुबीना पटेल ने बताया कि वह सितंबर में ई टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आई थी और यहां उसने प्रीतमपुरा निवासी शोएब से निकाह किया। इसी बीच उसने कुछ और समय भारत में रहने के लिए अपने वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय में आवेदन किया था लेकिन रुद्रपुर पुलिस ने उस पर वीजा खत्म होने के बाद यहां पर अवैध तरीके से रहने का आरोप लगाते हुए हिरासत में ले लिया।
कोर्ट में पेश करने के बाद उसे आठ दिनों तक हल्द्वानी की जेल में बंद रखा गया। रुबीना का आरोप है कि 30 मार्च को पुलिस नेे उसके ससुराल से बिना वारंट के उसे गिरफ्तार किया और 24 घंटे तक बिना महिला पुलिस कर्मी की मौजूदगी में थाने में बैठाया। रुबीना का यह भी आरोप है कि इस दौरान एक एलआईयू के दरोगा और थाने के सिपाही ने मानसिक रुप से भी उसका उत्पीड़न किया।
जेल से रिहा होने के बाद जब रुबीना दिल्ली स्थित एंबेसी पहुंची तो पता चला कि उसके जेल जाने की सूचना पुलिस द्वारा एंबेसी को नहीं दी गई थी जो कि गलत है। रुबीना के अनुसार अब एंबेसी ने उन्हें कोर्ट की चार्जशीट लेकर बुलाया है। पूरा प्रकरण जानने के बाद एसएसपी सेंथिल अबुदई ने एलआईयू इंस्पेक्टर को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।