निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली के साथ-साथ मुख्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को फांसी पर लटकाया जाए तभी हमारी बिटिया की आत्मा को शांति मिलेगी। निठारी कांड में अपनी लाडली बिटिया पायल को गवां चुके गदरपुर के ग्राम पिपलिया नं. 1 के नन्दलाल ने यह दर्द बयां किया।
नोएडा के निठारी कांड का राज खोलने में अहम रहे नंदलाल ने दुख जताते हुए कहा कि देरी के आधार पर फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने से वह बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। कोली व पंधेर दोनों को खुलेआम फांसी दी जानी चाहिए। तभी उन्हें और उनके परिवार को शांति मिलेगी। नंदलाल ने बताया कि 2005 से पूर्व वह रोजगार की तलाश में नोएडा क्षेत्र में गए थे। जहां से उन्हें लाडली बिटिया दीपिका उर्फ पायल को गंवाकर परिजनों के साथ ग्राम पिपलिया में लौटना पड़ा।
विदित हो कि 2005 में नोएडा के सेक्टर 31 में निठारी गांव की एक कोठी से लड़के, लड़कियों के तमाम कंकाल मिले थे। जिनके साथ वहशियाना हरकत के बाद उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। जिसमें ग्राम पिपलिया के नन्दलाल की पुत्री दीपिका उर्फ पायल भी शामिल थी। इस मामले में पुलिस ने कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर, उसके नौकर सुरेन्द्र कोली को गिरफ्तार किया था। नंदलाल के मुताबिक पूर्व में वह नोएडा के सेक्टर 19 के निवासी थे।
जहां वह एक प्राइवेट चिकित्सक के रूप में परिजनों का गुजर-बसर कर रहे थे। उसी दौरान 2005 में 7 मई को उनकी बेटी दीपिका उर्फ पायल घर से लापता हो गई। जिसकी उन्होंने सेक्टर 20 के थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। खुलासे के बाद पता चला कि तमाम लड़के, लड़कियों के साथ वह भी उक्त दोनों वहशी दरिंदों का शिकार हो गई।