हाइवे किनारे बेशकीमती जमीन के विवाद में राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत और गड़बड़ी हत्याकांड की वजह बनी। वहीं, पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मृतक के परिजन भी राजस्व कर्मचारियों और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जता रहे हैं।
जनताफार्म फार्म गांव में किच्छा एनएच की तरफ के बाईपास में जयमल सिंह के खेत खसरा 141 और सरजीत सिंह के खेत खसरा नंबर 143 के बीच से होकर सड़क बन रही है। सड़क की जद में आने से बची करीब आधा बीघा जमीन को लेकर जयमल और सरजीत के बीच पिछले एक माह से विवाद चल रहा है।
इस मामले में जयमल सिंह ने एसडीएम भगत सिंह फोनिया से हाइवे की जद में आने से बची जमीन की पैमाइश कराने की मांग की थी। अब से करीब 15 दिन पहले एसडीएम के निर्देश पर राजस्व कर्मचारियों ने भूमि की पैमाइश कर जयमल सिंह को कब्जा दिला दिया।
वहीं, सरजीत सिंह के पैमाइश कराने पर संग्रह अमीन ने जमीन सरजीत की बताई। राजस्व कर्मियों की पैमाइश में जमीन दोनों की निकालने पर ही दोनों पक्षों के बीच झगड़े की चिंगारी आग बन गई और एक किसान की जान चली गई।
घटना में पुलिस ने बीती सात जुलाई को दोनों पक्षों के 12 लोगों को सीआरपीसी की धारा 107/116 के तहत निजी मुचलके में पाबंद कर दिया। पुलिस को पता था कि जमीन का विवाद कभी भी खूनी संघर्ष में बदल सकता है। लेकिन, पुलिस ने मामले में 107/116 के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की।