सिडकुल फेज-टू में एक कंपनी का सीमेंट उतारने गए मजदूर की तीन दिन बाद सड़क किनारे खंती में जमा पानी में लाश मिली। परिजनों ने मजदूर की हत्या कर शव पानी में फेंकने की आशंका जताई है। पुलिस ने कंपनी के एक कर्मचारी को चौकी बुलाकर उससे पूछताछ की।
बुधवार को वार्ड दो निवासी इरशाद अहमद मजले (35) पुत्र नबी अहमद सिडकुल फेज टू में कंपनी के एक प्लांट पर सीमेंट उतारने गया था। यहां से दोपहर करीब 12 बजे वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। दो दिन से परिजन और नगरवासी पुलिस के साथ इरशाद की ढूंढ खोज में लगे थे। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे एक व्यक्ति ने परिजनों को फेज टू में सड़क किनारे खंती में पानी में लाश पड़ी होने की सूचना दी। जिस पर परिजनों ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर लाश को बाहर निकाला। परिजनों का कहना था कि जिस जगह शव मिला है।
उस जगह उन्होंने पहले भी खोजबीन की थी। लेकिन, देर शाम तक लाश वहां नहीं थी। परिजनों ने इरशाद की हत्या कर लाश पानी में फेंकने की आशंका जताई है। उन्होंने सिडकुल चौकी का घिराव कर पुलिस से मामले का जल्द खुलासा किए जाने की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया है। शक्तिफार्म चौकी इंचार्ज केजी मठपाल ने कहा कि मौत के कारणों का पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
मृतक के परिवार पर गहराया आर्थिक संकट
इरशाद अहमद पल्लेदारी और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। इरशाद की मौत के बाद पत्नी रेशमा और चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। चार बच्चों में सबसे बड़ी बेटी फिजा (12), बेटा विशाल (10), फाजिल (8) व सबसे छोटी बेटी कैकशां (5) साल है। फिजा कक्षा पांच व फाजिल कक्षा तीन में आजाद पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। जबकि, विशाल बहेड़ी के एक मदरसे में उर्दू की तालीम ले रहा है। कैकशां आंगनबाड़ी में पढ़ती है। परिवार के मुखिया की मौत से अब पत्नी के कंधों पर बच्चों के लालन-पालन के साथ ही भरण पोषण का भार आ गया है और आर्थिक संकट भी पैदा हो गया है। ब्यूरो
सिडकुल पुलिस चौकी पर काटा हंगामा
खंती में मजदूर की लाश मिलने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सिडकुल पुलिस चौकी का घिराव कर जमकर हंगामा काटा। उन्होंने कहा कि इरशाद की डूबकर मौत नहीं हुई है, उसकी हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर शीघ्र खुलासा करने और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। शक्तिफार्म चौकी इंचार्ज केजी मठपाल और सरकड़ा चौकी इंचार्ज देवेंद्र गौरव ने आक्रोशित लोगों को कार्रवाई करने का आश्वासन तक शांत कराया। वहां बसपा प्रत्याशी नवतेज पाल सिंह, शाकिर अली खां, इकशाद अहमद पटौदी, मुश्ताक अहमद, इकबाल अहमद, डॉ. अवरार अहमद पप्पू, अमानत हुसैन आदि थे।