तीन दिन पहले दूरस्थ गांव की एक नाबालिग छात्रा का नगर क्षेत्र से अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। जंगल में बेहोश किशोरी ने फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
किशोरी की आपबीती सुनने के बाद महिला समाख्या और सबेरा महासंघ की कार्यकत्रियों ने पुलिस चौकी में पहुंचकर हंगामा काटा और आरोपी से पूछताछ कर छोड़ने, कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। बाद में पुलिस ने मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया। फिलहाल रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
पीड़िता की बहन ने पुलिस को तहरीर सौंपी। जिसमें आरोप लगाया कि तीन दिन पहले गांव का ही युवक अपने साथी के साथ मिलकर नगर क्षेत्र से अपहरण कर नेपाल ले गया। वहां कुछ खाने के बाद उसे चक्कर आने लगा। जिसके बाद उसे किसी जंगल में ले गए। जहां दोनों युवकों ने उसके साथ रेप किया।
किशोरी द्वारा विरोध करने पर मारपीट की। सोमवार को उसकी बहन ने फोन कर जंगल में होने की सूचना दी। परिजन उसे घर लाए तो छात्रा ने अपनी आपबीती बताई। जिसके बाद महिला समाख्या कार्यकत्रियों ने पुलिस चौकी में जाकर हंगामा काटा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूछताछ के बावजूद आरोपी को छोड़ दिया।
उन्होंने पुलिस पर गैंगरेप जैसे गंभीर मामले में समझौता करवाने के प्रयास का आरोप लगाया। बाद में पुलिस रेप का मामला दर्ज करने पर राजी हो गई।
फिलहाल मामला दर्ज नहीं हो सका था। वहां समाख्या की जीआरपी पुष्पा पानू, मंत्री राणा, सबेरा महासंघ की राजबाला, संक्रांति राणा, गीता, द्रोपदी, संगीता, राजकुमारी, नत्थो देवी आदि कार्यकत्रियां थी।