नशीली दवाएं बेचने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार शाम रुद्रपुर में पांच मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापामारी की। इनमें से अनियमितता मिलने पर एक मेडिकल स्टोर मालिक का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। अनियमितता मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर के स्वामियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा एक मेडिकल स्टोर स्वामी दुकान बंद कर गायब हो गया।
नशीली दवाएं मिलने की शिकायत पर पुलिस ने खेड़ा और पहाड़गंज क्षेत्र में पांच मेडिकल स्टोरों को चिन्हित किया था। शुक्रवार शाम करीब 3:30 बजे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोरों में छापामार कार्रवाई शुरू की। इससे खेड़ा क्षेत्र में खलबली मच गई। ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट ने टीम के साथ सबसे पहले रजा मेडिकल स्टोर में जांच शुरू की। उन्होंने मेडिकल लाइसेंस के अतिरिक्त भी दवा मेडिकल दवाएं बेचने पर मेडिकल स्टोर स्वामी को मोहम्मद निजामुद्दीन को फटकार हुए लाइसेंस निलंबित कर दिया। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही रजा मेडिकल स्टोर में दवा बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
इसके बाद टीम ने हेल्थ मेडिकल स्टोर (संचालक अब्बास), जनता मेडिकल स्टोर (संचालक मोहम्मद यामीन) और किशन मेडिकल स्टोर (संचालक किशन गंगवार) में छापा मार कर बिलों की जांच की। तीनों ही दुकानदारों के यहां दवा बिक्री में अनियमितता मिली। इन तीनों को ही पांच-पांच दिन के भीतर दवाओं के बिल उपलब्ध कराने की मोहलत देते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें से हेल्थ मेडिकल स्टोर और किशन मेडिकल स्टोर के संचालकों को दुकान बंद होने के चलते घर से बुलाया गया था। आखिर में टीम पहाड़गंज स्थित वेलकम मेडिकल स्टोर पर पहुंची, लेकिन दुकान बंद थी और संचालक का भी फोन स्विच ऑफ मिला। इस कारण टीम को बेरंग लौटना पड़ा। ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि जल्द ही इस मेडिकल स्टोर में छापा मारा जाएगा। टीम में ड्रग इंस्पेक्टर सुधीर कुमार, एसआई गोल्डी घुघत्यिाल, धीरेंद्र परिहार, राजेंद्र जोशी, विनीत कुमार सिंह शामिल रहे।
डॉक्टर एक भी नहीं, मेडिकल स्टोर 20 से ज्यादा
रुद्रपुर। खेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। कुछ लोग घरों में 250 रुपये की नशीली दवाओं का सेट बनाकर भी बेचते हैं। क्षेत्र के कुछ लोगों ने कहा कि खेड़ा में एक भी डॉक्टर नहीं है, लेकिन मेडिकल स्टारों की संख्या 20 से अधिक है। इससे पता चलता है कि क्षेत्र में नशीली दवाओं को धंधा खूब चल रहा है।
जिले में ड्रग इंस्पेक्टर की नियमित तैनाती नहीं
रुद्रपुर। तराई में नशे का धंधा तेजी से पनपने के बावजूद यहां ड्रग इंस्पेक्टर की नियमित तैनाती हैं। डीएम को सीएमओ को भेजे गए पत्र के बाद अब महीने में चार दिन जिले में ड्रग इंस्पेक्टर तैनाती की सुविधा मिली है। क्षेत्र की जनता कहती है कि तराई में फैलते नशे के कारोबार के लिए नियमित तैनाती जरूरी है।