राज्य कर अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने एक पाइप फैक्ट्री के स्वामी, इलेक्ट्रिक शॉप के मालिक समेत अन्य के खिलाफ गालीगलौज कर हमला करने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। 17 मई की शाम पुलिस को दी तहरीर में राज्य कर अधिकारी (टैक्स रिव्यू) अनिल कुमार ने कहा कि शुक्रवार को वह कुंडेश्वरी स्थित कार्यालय जा रहे थे।
रामनगर मार्ग पर उन्हें एक ई-रिक्शा पर पीवीसी पाइप लदे दिखे। चालक से माल से संबंधित प्रपत्र और ई वे-बिल मांगे तो उसने यह माल वीके इंडस्ट्रीज का होना बताया। साथ ही जानकारी दी कि फैक्ट्री मालिक नकद भुगतान पर टंडन इलेक्ट्रिक दुकान और अन्य व्यवसायियों को सामान भेजते हैं। ई-रिक्शा रोकने पर चालक ने इसकी जानकारी वीके इंडस्ट्रीज और टंडन इलेक्ट्रिकल्स के मालिकों को दी। दोनों फर्मों के स्वामी कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने गालीगलौज करते हुए उनके साथ धक्कामुक्की की। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी बिलों और अन्य कागजों पर उनसे जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। रिपोर्ट में अधिकारी ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री स्वामी और दुकान स्वामी राज्य कर की चोरी में लिप्त हैं। तहरीर पर पुलिस ने फैक्ट्री और दुकान स्वामी समेत अन्य के खिलाफ धारा 332, 353, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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फैक्ट्री स्वामी ने भी सौंपी जीएसटी अधिकारी के खिलाफ तहरीर
काशीपुर। वीके इंड्रस्टीज के मालिक ने जीएसटी लिखे वाहन के स्वामी के खिलाफ ई-रिक्शा चालक से मारपीट, अभद्रता और अपहरण का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उधर, व्यापारी नेता गुरविंदर सिंह चंडोक के नेतृत्व में व्यापारियों ने एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र से मिलकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को पुलिस को दी तहरीर में कटोराताल निवासी फैक्ट्री मालिक विनीत मेहरोत्रा ने कहा कि 17 मई को एक ई-रिक्शा चालक उनकी पाइप यूनिट से सामान लेकर एमपी चौक स्थित एक दुकान जा रहा था। रास्ते में सफेद रंग की कार ने उसका रास्ता रोका और चालक के साथ मारपीट, गालीगलौज करते हुए जबरन ई-रिक्शा को अपने साथ ले गए। सूचना पर वह रामनगर रोड पहुंचे तो ई-रिक्शा के पीछे एक कार चल रही थी, जिस पर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया (जीएसटी) लिखा था।
रिक्शा पर चालक के साथ अज्ञात व्यक्ति बैठा था। उसने ई-रिक्शा ले जाने की वजह पूछी तो नीले रंग की शर्ट पहने व्यक्ति ने खुद को जीएसटी विभाग का अधिकारी बताया। माल का बिल छीन लिया। मेहरोत्रा का आरोप है कि उक्त व्यक्ति की ओर से महीना न पहुंचाने की बात कहते हुए दस हजार रुपये की मांग भी की गई। मेहरोत्रा का कहना है कि जीएसटी अधिनियम के अनुसार माल की चेकिंग का अधिकारी विभाग की सचल टीम का है।
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जीएसटी अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर, व्यापारियों की ओर से भी कोतवाली में तहरीर दी गई है। इस मामले में जांच कराई जा रही है। चेकिंग को लेकर व्यापारियों की ओर से की गई आपत्ति पर भी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी, काशीपुर।