स्पेशल जज पास्को नीलम रात्रा की अदालत ने नाबालिग से दुराचार करने के आरोपी को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी विकास गुप्ता के अनुसार किच्छा निवासी एक व्यक्ति ने 17 अगस्त 2014 को दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि उसकी नाबालिग पुत्री नौ अगस्त को स्कूल गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि वार्ड संख्या छह निवासी राजू उसकी पुत्री को बहला-फुसला कर ले गया है। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 18 अगस्त को बरेली रेलवे स्टेशन से पीड़ित व आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पता चला कि आरोपी किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। वह सात दिनों तक उससे दुष्कर्म करता रहा। मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता ने पांच गवाह पेश किए गए। स्पेशल जज पास्को नीलम रात्रा ने पीड़ित के बयान व पत्रावली का गहनता से अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। जज ने उसे पास्को अधिनियम के तहत 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया।