व्यापारी सूरज चंद हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त ललित ज्याला के जेल जाने के बाद उससे प्रापर्टी खरीदने वाले और उसके पार्टनरों को रुपये डूबने का डर सता रहा है। जसारी झनकट निवासी ठाकुर सिंह ने एसडीएम ऋचा सिंह को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि उसने ज्याला से दुकान खरीदी थी जिसका बैनामा अब किसी और के नाम किया जा रहा है। एसडीएम सिंह ने कहा कि यदि उनके पास किसी प्रकार का सबूत है तो उसे उपलब्ध कराएं। वह बिक्री पर रोक लगा सकती हैं।
एसडीएम को सौंपे प्रार्थना पत्र में ठाकुर सिंह ने कहा कि उसने ज्याला से खेतलसंडा मुस्ताजर, महोलिया के खसरा नंबर 319 भूमि पर एक दुकान को खरीदा था। यह जमीन ज्याला की पत्नी के नाम दर्ज है। अब इस दुकान की ज्याला की पत्नी किसी अन्य के नाम रजिस्ट्री कर रही है।
दुकान को दो जगह बेचा जा रहा है। उन्होंने बिक्री को रोकने की मांग की। एसडीएम ने ठाकुर सिंह से इस संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जिसमें दुकान क्रय करने का प्रमाण हो। एसडीएम सिंह ने बताया कि उन्हें शाम छह बजे तक किसी प्रकार के साक्ष्य नहीं मिले हैं। अलबत्ता हत्यारोपी की पत्नी ने यहां आकर कहा कि वह रजिस्ट्री के लिए क्यों रोका जा रहा है। एसडीएम ऋचा सिंह ने कहा कि वह बगैर किसी कारण के रजिस्ट्री कराने से किसी को रोक नहीं सकते।
चार लोग पहुंचे रजिस्ट्री रुकवाने सितारगंज
सूरज चंद के हत्यारोपी ललित ज्याला द्वारा बेची गयी प्रापर्टी को लेकर विवाद और गहरा सकते हैं। बुधवार को सितारगंज रजिस्ट्रार कार्यालय में चार लोग ज्याला की पत्नी द्वारा बेची जा रही प्रापर्टी की रजिस्टरी को रुकवाने पहुंचे। रजिस्ट्रार रमेश चंद्र पंत ने बताया कि चार लोग उनके पास रजिस्ट्री रुकवाने आए थे।
फिलहाल उन्होंने एक दिन के लिए रोक दी थी लेकिन यदि रोकने वाले स्थगन आदेश नहीं लाए तो वह रजिस्ट्री नहीं रोक पाएंगे। बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री की जाएगी। इधर एसडीएम ऋचा सिंह ने कहा कि यदि किसी प्रापर्टी की खरीद फरोख्त में दो दावेदार आते हैं। तो वह विवादित जमीन पर 145 की कार्रवाई कर देंगी लेकिन इसके लिए क्रेता को प्रमाण अवश्य दिखाने होंगे।