चमोली जेल में बंद काशीपुर का हिस्ट्रीशीटर मिंटू चौधरी पेशी के बाद लौटते समय जिला न्यायालय परिसर में गश खाकर गिर गया।
इस पर पुलिस कर्मियों ने उसे संभाला और चमोली ले गए। मिंटू के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसके उपचार में लापरवाही बरती जा रही है।
शनिवार को काशीपुर के हिस्ट्रीशीटर मिंटू चौधरी को गैंगस्टर एक्ट में रिमांड के लिए एडीजे द्वितीय राहुल गर्ग की अदालत में पेश किया गया था। पेशी के बाद मिंटू को चमोली पुलिस वापस ले जा रही थी।
जैसे ही मिंटू न्यायालय से बाहर आए तो रास्ते में गश खाकर गिर गए। यह देख आसपास लोगों का जमावड़ा लग गया। इस पर पुलिस कर्मियों ने मिंटू को संभालते हुए वाहन में बैठाया और चलते बने।
मौके पर मौजूद मिंटू की पत्नी पार्षद शानू, पिता मनोहरी सिंह और बहन चंद्रवती ने बताया कि वह हर्निया रोग से पीड़ित है। साथ ही डाक्टरों द्वारा की गई जांच में उसके पेट में ट्यूमर तथा कैंसर की भी संभावना है।
आरोप लगाया कि पुलिस मिंटू का एनकाउंटर करना चाहती थी, जो कर नहीं पाई। उसके जेल में बीमार होने के बाद पुलिस चाहती है कि वह बीमारी से ही मर जाए।
इसलिए पुलिस जानबूझकर मिंटू का इलाज नहीं करवा रही। चेतावनी दी कि यदि उसे कुछ भी हुआ तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।