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गुरुजी का मजा, बच्चों को सजा

Tue, 23 Aug 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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मोटी तनख्वाह लेने के बावजूद स्कूल में गुरुजी पढ़ाना नहीं चाहते। जौलासाल गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल के दो शिक्षकों ने अपने मजे के लिए एक नायाब तरीका निकाल लिया। कार्यवाहक प्रधानाध्यापक और दूसरा शिक्षक हाईस्कूल पास महिला को शिक्षक बनाकर दो महीने से छुट्टी पर हैं। 
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शिक्षकों के गायब रहने से मिड डे मील तक नहीं बना। खंड शिक्षाधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण किया तो मामला सामने आया। उन्होंने दो माह से स्कूल नहीं आए प्रधानाध्यापक समेत दोनों टीचरों को निलंबित करने और जिले से बाहर स्थानांतरण की कार्रवाई की संस्तुति की है।

मंगलवार को बीईओ गोपाल राम आर्य जौलासाल के राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्हें स्कूल में 35 बच्चे पढ़ते हुए मिले। बीईओ आर्य ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापक राम कुमार और टीचर संजय कुमार सुमन पिछले दो महीने से स्कूल नहीं आए हैं। बताया कि टीचरों द्वारा गांव की हाईस्कूल पास कमला को बच्चे पढ़ाने के लिए रखा गया है। 
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बताया कि प्रधानाध्यापक व शिक्षक के स्कूल नहीं जाने से बच्चों को न तो कापी किताबें दी गई हैं और न ही ड्रेस बांटी गई। मिड-डे मील भी पिछले दो माह से नहीं बनाया गया। बीईओ आर्य ने बताया कि कार्यवाहक प्रधानाध्यापक राम कुमार और अध्यापक सुमन के दो माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा रही है। दोनों को निलंबित किया जाएगा और जिले से बाहर स्थानांतरण कराया जाएगा। इसकी संस्तुति कर विभाग को रिपोर्ट भेजी है। 


सीआरसी की मिलीभगत से दोनों टीचर दिखाए उपस्थित, वेतन भी कर दिया जारी
देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों के जीवन के साथ शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर रहा है। इसका अंदाजा जौलासाल राजकीय प्राथमिक स्कूल में दो माह से गैरहाजिर टीचरों से ही लगाया जा सकता है। सीआरसी की मिलीभगत के कारण गैरहाजिर दोनों टीचरों का वेतन भी भुगतान हो गया। जिसकी अधिकारियों को खबर तक नहीं हुई। खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि गैरहाजिर टीचरों को उपस्थित दिखाने वाले सीआरसी समन्वयक को भी निलंबित किया जाएगा।

सितारगंज से करीब 26 किलोमीटर दूर जंगल किनारे जौलासाल राजकीय प्राथमिक स्कूल में पिछले दो माह से पढ़ाने नहीं गए प्रधानाध्यापक राम कुमार व संजय कुमार सुमन की सीआरसी समन्वयक द्वारा स्कूल में उपस्थिति दर्शायी गई। उनके दो माह का वेतन भी आहरण हो गया। लेकिन, शिक्षा विभाग को इन टीचरों की करतूत की भनक तक नहीं लगी। मंगलवार को खंड शिक्षाधिकारी गोपाल राम आर्य जब नानकसागर डैम पार जौलासाल गांव के प्राथमिक स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो मामला सामने आया।
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