एक ग्रामीण ने चार साल पहले मरे भाई को कागजों में जिंदा दर्शाकर उसके नाम पर एक बीमा कंपनी से पॉलिसी करा ली। आरोपी भाई की जगह कागजातों पर खुद दस्तखत कर डाले। उसने क्लेम की राशि हड़पने के लिए जाली मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवाए। कंपनी द्वारा जांच करने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में रामनगर रोड स्थित बजाज एलियंस इंश्योरेंस कंपनी के ज्वाइंट पार्टनर सेल्स तेजेंद्रपाल सिंह ने शिकायती पत्र में कहा था कि ग्राम टांडा अफजल मुरादाबाद निवासी हरेंद्र पाल सिंह ने अपने भाई पंकज कुमार के नाम पर बीते चार मई 2015 को पॉलिसी कराई थी। कारपोरेशन बैंक जसपुर के चेक से प्रीमियम राशि 30,930 रुपए का भुगतान किया गया था, लेकिन अगले महीने 29 जून को हरेंद्र पाल ने भाई की मृत्यु होने की सूचना कंपनी को देकर बीमा का क्लेम दाखिल किया था।
जब कंपनी ने जांच कराई तो पता चला कि पंकज की मौत बीते 14 मार्च 2012 को ही हो गई थी। बीमा करवाते समय हरेंद्र ने खुद को पंकज दर्शाया था। पंकज की जगह खुद ही फार्म में दस्तखत किए थे। क्लेम हासिल करने के लिए उसने पंचायती राज विभाग डिलारी मुरादाबाद से जाली मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनाकर कंपनी में जमा किया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी हरेंद्रपाल के खिलाफ धारा 420 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।