एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी की जांच आगे बढ़ने के साथ ही घोटाले के नए राज खुलकर सामने आ रहे हैं। अब तक की जांच में जहां जमीनों की पिछली तिथियों में 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा लेने की पुष्टि हुई है। वहीं, अब एक ऐसा मामला भी एसआईटी के सामने आया है, जिसमें भूमि का मुआवजा लेने के लिए पहले भूमि को फर्जी स्टांप बनाकर बेचा गया और उसके बाद भूमि स्वामी का फर्जी आधार कार्ड बनाकर 10 लाख का मुआवजा भी ले लिया। फिलहाल एसआईटी मामले की जांच के लिए जमीन के दस्तावेज जुटा रही है।
किच्छा तहसील के बरा गांव निवासी एक महिला ने बताया कि गांव में ही उसकी एक एकड़ से अधिक कृषि भूमि है। एनएच-74 निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने के दौरान किसी व्यक्ति ने उसकी जमीन के फर्जी कागजात बनाकर अपने नाम से किसी और वह जमीन को बेच दी। उसके बाद एनएचएआई की ओर से एनएच निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया। भूमि के कृषि होने के कारण एसएलओ कार्यालय से अधिग्रहित भूमि के एवज में 10 लाख मुआवजा आवंटन हुआ, जिसे जमीन बेचने वाले ने खरीददार के साथ मिलकर आपस में बांट लिया। इसकी जानकारी मिलने पर जब महिला एसएलओ कार्यालय पहुंची तो पता चला कि उसकी भूमि पर किसी बंगाली महिला ने अपना स्वामित्व दर्शाकर 10 लाख का मुआवजा लिया है। मुआवजा लेने के लिए महिला द्वारा फर्जी आधार कार्ड जमा कराया गया है, जिसमें नाम उसका है लेकिन फोटो फर्जी खरीददार महिला का लगा है। गांव में कुछ और ऐसे काश्तकार थे, जिनकी भूमि का अधिग्रहण हुआ और मुआवजा लिया गया है। फिलहाल एसआईटी के संज्ञान में मामला आने पर एसआईटी इसकी जांच के लिए दस्तावेज जुटा रही है।