नाबार्ड से लोन दिलाने के नाम पर खाते से 7 लाख 10 हजार रुपये निकालने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने एसएसपी से मिलकर मुकदमा पंजीकृत करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिस पर एसएसपी ने चौकी प्रभारी आवास विकास को मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू करने के निर्देश दिए।
रविंद्रनगर निवासी परितोष सरकार ने बताया उसकी ऊषा लक्ष्मी इलेक्ट्रो प्लेटिंग के नाम से आटो पार्ट्स की फर्म है। कारोबार के लिए उसे कुछ ऋण की जरूरत थी, लेकिन लोन मिलने में दिक्कते आ रही थी। आरोप है कि 15 दिन पहले संजय राय और रंजन आए और नाबार्ड से 50 लाख रुपये लोन दिलाने की बात कही।
विश्वास करने पर मैने आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया और कहे अनुसार नये खाते में 10 लाख रुपये की धनराशि जमा करवाई। जिसके बाद उक्त युवकों ने कुछ ही दिनों में लोन पास होने का आश्वासन दिया। बताया कि छह जुलाई को बैंक जाकर पता किया, तो खाते से सात लाख दस हजार तीन सौ रुपये गायब थे।
इस संबंध में बैक मैनेजर से जानकारी चाही, तो कहा गया कि एटीएम के जरिए धनराशि निकाली गई, जबकि नये एटीएम कार्ड का कोड फार्म खोला तक नहीं गया। जिसको लेकर पीड़ित ने एसएसपी अनंक शंकर ताकवाले से गुहार लगाई, तो एसएसपी ने चौकी प्रभारी आवास विकास को मुकदमा दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए।