फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साथ जल गई चार दुकानें

Sun, 11 Mar 2018 12:21 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
विज्ञापन
रुद्रपुर के किच्छा रोड में दुकानों में लगी आग बुझाते दकमलकर्मी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

किच्छा रोड पर सड़क किनारे टिनशेड में चल रहे ढाबे और स्क्रेप की दुकान में शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक चार दुकानों को चपेट में ले लिया। आग में ढाबे के दो सिलेंडर भी धमाके के साथ फट गए। सूचना मिलने पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग पर काबू पाने से बाकी दुकानें जलने से बच गई। 

विज्ञापन


किच्छा रोड में द मेडिसिटी अस्पताल के सामने हाइवे किनारे टिनशेड में आधा दर्जन दुकानें बनी हैं। इनमें ढाबा, परचून और कबाड़ की दुकान शामिल हैं। शनिवार की तड़के ढाई बजे अचानक एक चाय की दुकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने बगल में स्थित कबाड़ की दुकान के साथ ही दो ढाबों को भी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। दो वाहनों के साथ पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग बुझाना शुरू किया। 

इसी बीच दो दुकानों में रखे सिलेंडर भी जोरदार धमाके के साथ फट गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया जा सका। आग में जुबैर निवासी पहाड़गंज और रामपाल निवासी रम्पुरा के ढाबे के साथ ही सलीम निवासी खेड़ा की स्क्रेप की दुकान जलकर राख हो गई। इसके अलावा आग से खेड़ा निवासी रजा की दुकान को भी नुकसान पहुंचा है। एफएसओ हरीश गिरी ने बताया कि सलीम ने आग में डेढ़ लाख की नकदी और आल्टो कार जलने की बात कही है। आग से कुल दस लाख रुपयों का नुकसान होने का अनुमान है। 
विज्ञापन


सुरक्षा गार्डों की सजगता से तीन की जान बची
किच्छा रोड में हाइवे किनारे बनी दुकानों में आग लगी तो कबाड़ की दुकान में तीन लोग सो रहे थे। इन लोगों को आग लगने की भनक तक नहीं थी। इसी बीच मेडिसिटी अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही कबाड़ की दुकान में सो रहे लोगों को जगा दिया। समय रहते उनके दुकान से बाहर निकलने पर जान बच सकी।

अस्पताल के हाइड्रेट से मिला भरपूर पानी
किच्छा रोड में दुकानों में लगी आग पर काबू पाते हुए दो गाड़ियों में पानी खत्म हो गया था। इसके बाद दमकलकर्मियों ने अस्पताल में बने हाइड्रेंट का इस्तेमाल किया और उससे मिले पानी से आग बुझाई। अगर हाइड्रेंट नहीं होता तो गाड़ियों को पानी भरने के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता। लेकिन अस्पताल के हाइड्रेंट की वजह से गाड़ियों के चक्कर तो बचे ही साथ ही अन्य दुकानों तक आग पहुंचने से पहले ही बुझा दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें