पुलिस की गिरफ्त में इनामी अभियुक्त।
- फोटो : अमर उजाला
नौ वर्ष पहले पंतनगर क्षेत्र से पत्नी और तीन बच्चों को छोड़कर जिस नाबालिग को लेकर श्रमिक फरार हुआ था। वह भी दगा देकर किसी दूसरे युवक के साथ चली गई। अब नौ साल बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है तो उस पर ढाई हजार का इनाम है। दिलचस्प बात यह कि लड़की को भगाने के बाद नौ सालों में युवक केवल दो बार ही अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने आ पाया। युवक को अपने किए पर पछतावा भी है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जून 2010 में चकफेरी कॉलोनी पंतनगर निवासी सुभाष ने झा कॉलोनी में रहने वाले राकेश वाल्मीकि के खिलाफ 17 वर्षीय बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने नाबालिग की बरामदगी के प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ साल पहले पुलिस ने फरार राकेश पर ढाई हजार का इनाम रखा। शनिवार को पंतनगर थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने सर्विलांस और सूचना के आधार पर राकेश को चटीगंज जिला अमृतसर, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वहां सफाई का काम कर रहा था। रविवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि राकेश ने नाबालिग प्रियंका के साथ शादी कर ली थी। राकेश की मां पंतनगर पशु चिकित्सालय में काम रही थी और राकेश भी तब मजदूरी करता था।
राकेश ने पंजाब में अपना नाम राजू रखा था। प्रियंका को भगाने से पहले ही राकेश शादीशुदा था और उसकी पत्नी, तीन बच्चे पंतनगर में रह रहे हैं। राकेश से प्रियंका के तीन बच्चे हुए थे। राकेश ने बताया कि एक वर्ष पहले प्रियंका अपने तीन बच्चों को लेकर किसी सनी नाम केे टेंपो चालक के साथ चली गई। राकेश के मुताबिक उसने पहली पत्नी से प्रियंका और उसके बच्चों को साथ रखने की गुजारिश की थी लेकिन वह नहीं मानी थी। राकेश को पकड़ने वाली टीम में एसओजी के एसआई बीसी जोशी, कैलाश सिंह देव, एसओजी के हेड कांस्टेबल प्रकाश भगत, कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल, कुलदीप शाह, सुरेेंद्र सामंत, मो. यामीन, अनीशा आर्या आदि थे।