शराब माफियाओं को संरक्षण देने पर एसएसपी ने सितारगंज की सरगड़ा चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर और दो बीट कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया, जबकि अपने क्षेत्र में पैसे लेकर शराब का अवैध कारोबार कराने के आरोप में रुद्रपुर के थाना ट्रांजिट कैंप के तीन बीट कांस्टेबल निलंबित कर दिए।
रविवार को एसएसपी को सूचना मिली कि सितारगंज की सरगड़ा चौकी से 500 मीटर दूरी पर शराब माफिया अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। एसएसपी ने एसओजी को मौके पर भेजा। एसओजी ने चौकी से 500 मीटर दूर ग्राम धाना चौड़ा में चीनी मिल के पास रहने वाले पाला सिंह पुत्र अमर सिंह के घर दबिश देकर 20 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की।
टीम ने पाला सिंह को हिरासत में लेकर उससे और पूछताछ की तो उसने नाले के किनारे बनाई गई शराब भट्ठियों का खुलासा किया, जिस पर एसओजी ने चौकी पुलिस की मदद से अवैध शराब की भट्ठियां तोड़ डालीं और वहां रखे दस हजार लीटर लाहन को भी नष्ट कर दिया। चौकी से मात्र पांच सौ मीटर दूरी पर हो रहे अवैध शराब के कारोबार पर नाराजगी जताते हुए एसएसपी ने चौकी प्रभारी देवेंद्र गौरव को लाइनहाजिर करने के साथ ही बीट कांस्टेबल दिनेश शर्मा और ललित कुमार को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
मामले को लेकर एसएसपी का कहना है कि जहां पूरे जनपद में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया है, वहीं सरगड़ा चौकी से मात्र 500 मीटर दूरी पर अवैध शराब का कारोबार होना चौकी प्रभारी की लापरवाही को दर्शाता है। इस पर चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने और क्षेत्र के दो बीट कांस्टेबलों को तत्काल निंलबित करने के आदेश दिए गए हैं।
इधर, रविवार देर शाम ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में अवैध शराब के साथ ही सट्टे और ड्रग्स का कारोबार होने की शिकायत पर एसएसपी डा. सदानंद दाते ने सादे कपड़ों में छापेमारी कर दो सटोरियों को गिरफ्तार कर दो घरों में शराब बिकने का खुलासा किया था। एसएसपी ने एसओ सुशील कुमार को इसकी जानकारी दी तो एसओ ने तुरंत टीम भेजकर सभी स्थानों पर दबिश दी जिसमें टीम ने संजयनगर खेड़ा निवासी भोला विश्वास, मछली बाजार निवासी अमित गंगवार, गदानगर बहेड़ी निवासी सरताज अहमद, राजेश, और शमशान घाट रोड निवासी शिव सिंह को 20-20 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने सट्टे की खाई बाड़ी चलाते मछली बाजार निवासी मोनू रस्तोगी और आजाद नगर निवासी राजू को भी गिरफ्तार कर लिया दोनों सटोरियों के पास से पुलिस ने सट्टे के 830 रुपये भी बरामद किये। इन सभी अवैध धधों की जानकारी एसओ सुशील कुमार को नहीं होने पर एसएसपी ने तत्काल निलंबित कर दिया। सोमवार को जब एसएसपी ने मामले की और गहनता से जांच कराई तो जानकारी मिली कि जिन क्षेत्रों में अवैध कारोबार किया जा रहा था वहां के बीट कांस्टेबलों की मिलीभगत भी उसमें थी। एसएसपी ने बीट कांस्टेबल प्रकाश चंद्र, दिनेश धपोला और रविंद्र बिष्ट को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।