गूलरभोज पुलिस चौकी में प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
जलाशय में नाव पर सवार होकर मछली का शिकार करने गए दो युवकों पर अचानक हुई फायरिंग में एक युवक लापता हो गया, जबकि दूसरे ने नाव से कूदकर अपनी जान बचाई। लापता युवक की पत्नी ने एक वन रक्षक और दो अन्य ग्रामीणों पर फायरिंग का आरोप लगाया है। लापता युवक की तलाश में एसडीआरएफ की टीम को पानी में उतारा गया लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। इधर, रेंजर ने आरोपों को निराधार बताया है।
ग्राम ककराला निवासी प्रेमो कौर ने चौकी पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसका पति रंजीत सिंह उर्फ मिठ्ठू और गुरमीत सिंह उर्फ जित्ता बौर जलाशय में मछली मारने नाव से गए थे। आरोप लगाया कि शनिवार तड़के तीन बजे एक वन कर्मी और गांव के दो युवकों ने दूसरी नाव से उनका पीछा किया और लगातार फायरिंग करने लगे। इसमें उसके पति रंजीत को गोली लग गई, जिससे वह नाव समेत जलाशय में डूब गया।
दूसरे साथी गुरमीत सिंह ने तैरकर अपनी जान बचाई। सूचना पर थानाध्यक्ष गदरपुर ललित मोहन जोशी और चौकी प्रभारी मनोहर चंद ने गुरमीत को साथ लेकर मौका मुआयना किया। गुरमीत ने बताया कि देर रात को उनकी नाव में लकड़ी भी थी। उनके पीछे दूसरी नाव आ रही थी। उस नाव से लगातार दो हवाई फायर किए गए। तीसरा फायर नाव पर किया गया, जिसके बाद नाव डूबने लगी। चौथा फायर होने पर गोली रंजीत को लगी थी, यह बात खुद रंजीत ने उसे बताई थी। बकौल गुरमीत लगातार फायरिंग होने पर उसने पानी में कूदकर जान बचाई। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र मेहरा ने बताया कि वनरक्षक पर लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है। आरोप लगाने वाले लगातार लकड़ी चोरी में लिप्त रहे हैं। पुलिस के अनुसार जब तक लापता रंजीत नहीं मिलता तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
आए दिन वनकर्मियों से होती हैं भिड़ंत
गूलरभोज। जंगल से सटे ककराला गांव के ग्रामीणों में लगातार वन कर्मियों से आए दिन भिड़ंत होती रहती है। वन कर्मियों के अनुसार गांव के अधिकांश लोग लकड़ी तस्करी में लिप्त हैं। इस वजह से लकड़ी चोरी के दौरान उनका आमना सामना होता रहता है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि वन कर्मी खुद तस्करी करवाते हैं। मामला खुलने पर आरोप ग्रामीणों पर मढ़ देते हैं।