किसान रामअवतार की आत्महत्या का मामले में मंगलवार को जिलेभर के कांग्रेसियों ने खटीमा तहसील परिसर में भाजपा के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए एसडीएम विजयनाथ शुक्ला के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
खटीमा तहसील में सरकार के खिलाफ धरना दे रहे कांग्रेसियों ने उत्तराखंड में किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। कहा कि सरकार यदि पहले ही किसान के कर्ज माफी की घोषणा कर देती तो रामअवतार को आत्महत्या नहीं करनी पड़ती। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने भाजपा सरकार पर किसानों की हत्या का आरोप लगाया।
सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि 10 लाख रुपये के कर्ज में डूबे गरीब परिवार को पांच लाख रुपये की घोषणा करना हास्यास्पद है। भाजपा तीन-तीन विधायक गरीब परिवार के लिए केवल पांच लाख की घोषणा करा पाए हैं। बेहड़ ने कहा कि गरीब परिवार को एक करोड़ रुपये मिलने चाहिए। जब तक राज्य सरकार इसकी घोषणा नहीं करती तब तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घोषणा प्रधानमंत्री ने किसानों को कर्जमाफी की बात की थी, जो पूरी नहीं हुई। खटीमा की एक मिल पर 200 करोड़ रुपये का लोन है।
उससे बैंक वसूली नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन गरीब किसान को इतना सताया गया कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी। प्रदेश प्रवक्ता दयाकिशन कलौनी, जिलाध्यक्ष नारायण बिष्ट, पूर्व विधायक गोपाल राणा, प्रदेश सचिव दलजीत सिंह, ब्लॉक प्रमुख दान सिंह राणा, ब्लॉक अध्यक्ष बाबी राठौर ने सरकार पर किसानों की घोर उपेक्षा का आरोप लगाया। इस दौरान राजेश राणा, रमेश रौतेला, अरुण सक्सेना, रवीश भटनागर, भजन सिंह राणा, देवेंद्र जुनेजा, सभासद मेहंदी हसन, अशोक बत्रा, रामू भंडारी, ग्राम प्रधान गुड्डू आदि थे।