स्वास्थ्य विभाग में फर्जी टीए बिल के नाम पर किए गए 83 लाख रुपये के घोटाले की जांच कर रही एसआईटी जल्द घोटाले में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार देहरादून स्थित एजी दफ्तर से मिले बिलों की मूूल प्रतियों से एसआईटी को तत्कालीन सीएमओ और काला टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी के खिलाफ अहम साक्ष्य मिले हैं। जुलाई में एसआईटी ने बिलों की मूल प्रतियों के लिए एजी दफ्तर से पत्राचार किया था।
वर्ष 2013-14 में स्वास्थ्य विभाग में यात्रा भ्रमण के नाम पर 83 लाख का घोटाला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की जांच में खुलासा हुआ था कि मार्च 2013 से जनवरी 2014 तक प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों आदि के लिए शासन स्तर से अधिकारियों ने प्रदेश में भ्रमण किया और भ्रमण के लिए देहरादून की काला टूर एंड ट्रेवल्स की टैक्सियों का इस्तेमाल हुआ।
भ्रमण के बाद 83 लाख रुपये के बिलों का सत्यापन शासन स्तर से करने के बाद सीएमओ कार्यालय रुद्रपुर द्वारा बिलों का भुगतान कराया गया। काला टूर एंड ट्रैवल्स की जांच में खुुलासा हुआ कि एजेंसी द्वारा स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी भी प्रकार टैक्सियों की आपूर्ति नहीं की गई। जिसके आधार पर 2015 में एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
इधर भुगतान होने के बाद बिलों की मूल प्रतियों को देहरादून स्थित अकाउंटेंट जनरल कार्यालय भेज दिया गया। घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने बिलों की मूल प्रतियां प्राप्त करने के लिए जुलाई में एजी दफ्तर से पत्राचार किया था।
सूत्रों के अनुसार एजी दफ्तर से मिले बिलों से एसआईटी को सीएमओ कार्यालय द्वारा दूसरे मद से फर्जी बिलों का भुगतान करने और काला टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी द्वारा बिना अभिलेखों के गलत भुगतान प्राप्त करने के साक्ष्य मिले हैं जिसके आधार पर अब एसआईटी कभी भी घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।
27 जुलाई को खबर प्रकाशित हुई एजी दफ्तर में जमा बिलों से खुलेगा फर्जी टीए बिल घोटाले का राज।