कांग्रेसी नेता पर हमला करने वाले बिहार और झारखंड निवासी बदमाशों के पास से मिला कारबाइन जैसा अत्याधुनिक हथियार कई सवाल खड़े कर रहा है। इसे लेकर पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह का कारबाइन हमलावरों के पास से बरामद हुआ है, इससे पहले उत्तराखंड में किसी भी बदमाश के पास बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं बदमाशों के तार बिहार और झारखंड क्षेत्र में रहने वाले नक्सलियों से तो नहीं जुड़े हैं।
गुरुवार देर रात कांग्रेसी नेता और टेंट व्यवसायी किरन सरदार पर हुए जानलेवा हमले के बाद दो बदमाशों को एक कारबाइन, एक तमंचा और 24 कारतूसों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बदमाशों के पास मिले अत्याधुनिक कारबाइन देख पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अब तक राज्य में एक भी ऐसा मामला नहीं पकड़ा गया है, जिसमें बदमाशों ने कारबाइन का प्रयोग किया हो। जांच में पता चला है कि भारतीय पुलिस फोर्स की कारबाइन से मिलती जुलती बरामद कारबाइन बिल्कुल अलग है। आशंका जताई जा रही है कि बिहार और झारखंड के कुछ हिस्से नक्सली प्रभावित है। बदमाश भी बिहार और झारखंड के बार्डर क्षेत्र के हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पकड़े गए बदमाश प्रकाश झा और विजय यादव का उनसे तो संपर्क नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिहार और झारखंड के नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में चाइना से हथियारों के छोटे-छोटे पार्ट लाकर उनकी एसेंबलिंग की जाती है। बदमाशों के पास से कारबाइन की बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गई है। खुफिया विभाग की टीम ने भी पुलिस के साथ मिलकर दोनों बदमाशों से पूछताछ कर जांच शुरू कर दी है।