एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में कमीशन के रुपये ठिकाने लगाने में किसानों और अधिकारियों के बीच कड़ी बने सफेेदपोश बिचौलियों के खिलाफ एसआईटी पुख्ता साक्ष्य संकलन में जुटी है। एसआईटी मामले में चर्चित अधिवक्ता से भी पूछताछ कर चुकी है। बताया जा रहा है कि कई मामलों में कमीशन की रकम डकारने वाला एक बिचौलिया गिरफ्तारी के डर से विदेश भाग चुका है। हालांकि कमीशन की रकम को ठिकाने लगाने के आरोप में स्टांप वेंडर सहित चार आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
दरअसल भूमि मुआवजा घोटाले में बैक डेट में जमीनों को अकृषि कराकर सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान किसान, अधिकारी, कर्मचारी और बिचौलियों की सांठगांठ से संभव हुआ था। जसपुर, बाजपुर और काशीपुर क्षेत्र में सक्रिय बिचौलियों ने किसानों को बैक डेट कराने से करोड़ों रुपयों का मुआवजा मिलने का लालच दिया था। जो किसान झांसे में आए थे, उनकी जमीनों की बैक डेट में 143 कराकर मिले करोड़ों के मुआवजे का कमीशन हासिल किया था। कमीशन की रकम को अधिकारी, कर्मचारियों के साथ बंदरबांट की गई थी। एसआईटी ने घोटाले की परतें खोलनी शुुरू की तो बिचौलियों की भूमिका भी उजागर हुई।
जांच में यह भी सामने आया था कि कमीशन की रकम को कुछ लोगों को लालच देकर उनके खातों में डलवाया गया और फिर से उसे निकलवा दिया गया था। कमीशन की बंदरबांट करने का प्रमाण मिलने पर एसआईटी ने बिचौलिये बने काशीपुर के स्टांप वेंडर जीशान और डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार को जेल भेज दिया था। इसके बाद मुआवजेे की रकम ठिकाने लगाने के आरोप में रुद्रपुर की बिल्डर प्रिया शर्मा और उसके सहयोगी सुधीर चावला को भी एसआईटी ने जेल भेज दिया था।
मुआवजे के खेल में कई और बिचौलियों के नाम सामने आए थे। बताया जा रहा कि एसआईटी का शिकंजा करने के बाद एक बिचौलिया विदेश भाग गया था। कुछ बिचौलियों से एसआईटी ने पूछताछ भी की थी। कुछ दिन पहले कमीशन की रकम को लेकर एक अधिवक्ता से भी पूछताछ हो चुकी है। एसआईटी के निशाने पर बिचौलिये हैं, इनके बारे में साक्ष्य संकलन का काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कोर्ट में पेश होने वाली चार्जशीट में बिचौलियों के नाम भी शामिल किए जा सकते हैं। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि बिचौलियों की भूमिका की जांच हो रही है।