रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप स्थित घर में मिला बुजुर्ग महिला का कंकाल।
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ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के एक घर में 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला का कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि मृतका पिछले 22 वर्षों से यहां अकेले रह रही थी। आर्मी में तैनात बेटे, हल्द्वानी में रहने वाली बेटियों और आसपास के लोगों से भी मृतका कोई संबंध नहीं रखती थी। पुलिस के अनुसार शव करीब 10 दिन पुराना है। फिलहाल पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
पुलिस के मुताबिक ट्रांजिट कैंप थाने के पीछे रहने वाली माहेश्वरी देवी (72) के पति बीएस रावत आर्मी में कर्नल थे, जिनसे तलाक हो गया था। तलाक के कुछ समय बाद उनके पति की मौत हो गई और वह पिछले 22 वर्षों से यहां अकेले ही रह रही थीं। माहेश्वरी देवी का एक बेटा पवन आर्मी में कैप्टन के पद पर रांची (झारखंड) में तैनात है और दो बेटियां रचना और लक्की हल्द्वानी में रहती हैं। बेटे और बेटियों से भी माहेश्वरी का कोई संपर्क नहीं था और पड़ोसियों से भी वह बोलचाल नहीं रखती थीं।
इसलिए किसी का उसके घर पर आना-जाना नहीं था। करीब हफ्ते भर से माहेश्वरी देवी के पड़ोसियों ने उन्हें घर के आसपास नहीं देखा था। शुक्रवार सुबह माहेश्वरी के घर के पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने घर से आ रही बदबू को महसूस किया तो अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर घर के भीतर पहुंची तो माहेश्वरी का शव एक कुर्सी पर पड़ा था। गलने के बाद शव ने कंकाल का रूप ले लिया था।
अंदाजा लगाया जा रहा है कि शव करीब 10 दिन पुराना होगा। पुलिस ने हल्द्वानी में सेल टैक्स कमिश्नर मृतका के दामाद बीएस पांगती को मामले की जानकारी दी। पांगती के पहुंचने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ट्रांजिट कैंप थाना प्रभारी जीबी जोशी का कहना है कि मृतका यहां अकेले रहती थी और किसी से कोई संपर्क न रखने के कारण कोई उनसे बात भी नहीं करता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
घर में नहीं मिले लूटपाट के सुबूत
रुद्रपुर। घर में मिले बुजुर्ग महिला के शव की जांच पड़ताल करने के दौरान पुलिस को वहां किसी तरह की लूटपाट के भी कोई सुबूत नहीं मिले हैं। इससे पुलिस इसे लूटपाट की घटना भी नहीं मान रही है। पुलिस के अनुसार मृतका को क्षेत्र के लोग रावत आंटी के नाम से बुलाते थे।