नगर निगम का एक डंपर एक महीने के भीतर आठ हजार लीटर से अधिक डीजल गटक गया। यह खुलासा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। सूचना के साथ निगम प्रशासन डंपर में डाले गए डीजल के बिल व बाउचर आदि की प्रतियां उपलब्ध नहीं करा सका। अपूर्ण और भ्रामक सूचना देने पर राज्य सूचना आयुक्त ने नगर निगम के उप नगरायुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मोहल्ला कटोराताल तूफैल बाग निवासी साजिद नदीम ने 18 मई 2017 को काशीपुर नगर निगम के लोकसूचना अधिकारी से आठ बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। नौ अगस्त 2017 को निगम के लोक सूचना अधिकारी ने उन्हें सूचनाएं उपलब्ध कराई। सूचना के एक बिंदु में जानकारी दी गई कि जून-2013 (एक माह की अवधि) में नगर निगम के डंपर में 8062 लीटर डीजल उपयोग हुआ है। बिंदु संख्या तीन में निगम के वाहनों में डाले गए डीजल व पैट्रोल आदि के बिल और बाउचर आदि मांगे थे।
इस संबंध में निगम की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके साथ अन्य कई बिंदुओं की जानकारी निगम के लोकसूचना अधिकारी ने उपलब्ध नहीं कराई। इस संबंध में विभागीय अपीलीय अधिकारी एवं उप नगरायुक्त द्वारा भी कोई स्पष्ट सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई। निगम से प्राप्त सूचनाओं से संतुष्ट न होने पर साजिद नदीम ने राज्य सूचना आयोग में अपील की। इस पर सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त सुरेंद्र कुमार ने दो जनवरी 2018 को उपस्थित हुए निगम के लोकसूचना अधिकारी को सुनवाई की अग्रिम तिथि से पूर्व पूर्ण रूप से स्पष्ट सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। आयोग ने जून 2013 से जनवरी 2014 तक निगम द्वारा उपयोग किए गए डीजल का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
साथ ही जून 2013 में डंपर में उपयोग किए गए डीजल के बिलों और बाउचरों की प्रतियां भी अपीलार्थी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। आयोग ने समय से सूचना उपलब्ध न कराने पर उप नगरायुक्त एलएम मिश्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी आरोपित किया था। इस मामले में सुनवाई की तिथि आठ फरवरी 2018 नियत की गई थी। लेकिन, नियत तिथि पर लोक सूचना अधिकारी/ उप नगरायुक्त एलएम मिश्र उपस्थित नहीं हुए और न ही उनकी ओर से कोई स्पष्टीकरण दिया गया। सूचना आयुक्त ने जुर्माने के संबंध में दो जनवरी को पारित आदेश का अनुपालन कराने के आदेश दिए है। इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि आठ मार्च नियत है।