सऊदी अरब में मिग-वैल्डिंग का काम दिलाने के नाम पर जीजा ने अपने दो सालों से तीन लाख की रकम हड़प ली। जब दोनों साले सऊदी अरब पहुंचे तो वहां पर मिले ठेकेदार ने उन्हें जमीन में गड्डे खुदवाने के काम में लगा दिया। पीड़ितों के बड़े भाई द्वारा विदेश मंत्री से वार्ता करने के बाद हुई कानूनी प्रक्रिया में दोनों भाई वापस अपने वतन पहुंचे।
अब भाई ने एसएसपी से ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।एसएसपी कार्यालय पहुंचे बगवाड़ा रुद्रपुर निवासी मुख्त्यार अहमद ने बताया कि उसके दो छोटे भाई इस्तेखार अहमद और सईद अहमद मिग-वैल्डिंग के काम में दक्ष थे। कुछ समय पहले वह सऊदी अरब में लंबे समय तक काम कर चुके अपने बहनोई जगतपुरा निवासी नईम अहमद के पास पहुंचा और दोनों को कहीं पर काम दिलवाने की बात कही।
आरोप है कि नईम ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अल शबाना कंपनी में नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया और अपने अकाउंट में 49 हजार रुपये डलवा लिए। 22 अप्रैल 2015 को जब दोनों भाई विदेश जाने के लिए दिल्ली पहुंचे तो वहां पर उन्हें उक्त कंपनी के मालिक इनायत, उसका साथी अशरफ और हृदया पांडे मिले। जिन्हें उन्होंने ढाई लाख रुपये दिये। 23 अप्रैल को कंपनी के ही वसीम नामक युवक ने दोनों भाइयों को बहरीन की फ्लाइट में बैठाया गया वहां से वह रियाद पहुंचे।
यहां पहुंचकर जब उन्होंने अलशबाना के मालिक को फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। दिल्ली में वसीम को फोन करने पर उसने हसन रजा नाम के आदमी को उनके पास भेजा जो उन्हें दम्माम शहर ले गया। जहां पर उन्हें अबू खालिद नाम का ठेकेदार मिला जिसने उन्हें जमीन में गड्डे खोदने के काम पर लगा दिया। मुख्त्यार को मामले की जानकारी मिलने पर उसने एक क्षेत्रीय नेता के साथ मिलकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से वार्ता की। इसके बाद विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उसके भाई वापस भारत पहुंचे। मुख्त्यार के अनुसार उसने तीन लाख रुपये कर्ज लेकर अपने बहनोई को रुपये दिए थे। भाइयों की नौकरी के लिए बहनोई को देने के बाद उसकी हालत बेहद दयनीय हो गई है।