एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले का मुख्य आरोपी डीपी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। डीपी ने कोर्ट में फिर से एसएलपी (स्पेशल लीव पिटिशन) दाखिल की है। इसकी सुनवाई कोर्ट में 24 नवंबर को होगी। इससे पहले तीन नवंबर को सुप्रीम कोर्ट डीपी सिंह की एसएलपी खारिज कर चुका है। इधर, कई जगहों पर दबिश देने के बाद भी डीपी एसआईटी की टीमों के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर घोटाले में लिप्त पूर्व एसएलओ डीपी सिंह को मुख्य आरोपी बनाया है। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए डीपी ने 13 अक्तूबर को नैनीताल हाइकोर्ट से स्टे लिया था। एसआईटी के शपथ पत्र दाखिल करने के बाद हाइकोर्ट ने 28 अक्तूबर को स्टे खारिज कर दिया था। डीपी के विदेश भागने की संभावना को देखते हुए एसआईटी ने लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया था।
डीपी ने एक नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी थी। तीन नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी खारिज कर दी थी। इसके तुरंत बाद एसआईटी ने डीपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेकर उसकी धरपकड़ को दबिशें देना शुरू कर दिया था। लेकिन अब तक एसआईटी डीपी को नहीं खोज सकी है। एसआईटी को लगातार छका रहे डीपी ने फिर से 10 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी। सुप्रीम कोर्ट इसमें 24 नवंबर को सुनवाई करेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि दो से तीन दिन के भीतर एसआईटी भी डीपी के खिलाफ कोर्ट से कुर्की के आदेश ले सकती है।
पूर्व एसएलओ डीपी सिंह की ओर से दोबारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है। लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट से स्टे नहीं दिया गया है। सोमवार को इस पर विधिक राय लेकर एसआईटी के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर