तृतीय अपर जिला जज सयान सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के आरोपी पति और ससुर को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
एडीजीसी विकास गुप्ता के मुताबिक गाजियाबाद निवासी महेश चंद्र कंसल ने 23 अप्रैल 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि उसने अपनी पुत्री नीलम का विवाह गाजियाबाद निवासी हितेश अग्रवाल के साथ किया था।
विवाह के बाद से ही ससुराली कम दहेज को लेकर उसकी पुत्री का उत्पीड़न करने लगे। इस दौरान दामाद हितेश उसकी पुत्री को लेकर रुद्रपुर में रहने लगा।
22 अप्रैल 2011 को दामाद हितेश उसके घर आया और दो लाख रुपये की मांग की। असमर्थता जताने पर दामाद हितेश परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए चला गया।
23 अप्रैल की सुबह उसकी पुत्री नीलम का फोन कर बताया कि आपने ससुरालियों को रुपये नहीं दिए है। अब वे मुझे जान से मार देंगे।
दोपहर में उसके दामाद हितेश का फोन आया कि नीलम कमरे में बंद है। जिस पर महेश चंद्र परिजनों के साथ रुद्रपुर पहुंच गया। जहां उसकी पुत्री मरी हुई मिली।
तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर 26 अप्रैल को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता द्वारा मामले में 11 गवाह पेश कर आरोपियों पर जुर्म सिद्ध कर दिया। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पति, ससुर को 10 वर्ष के कारावास, सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।