राधेहरि महाविद्यालय में तीन अक्तूबर को होने वाले छात्र संघ चुनाव को डीएम ने अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया है। दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच चल रही रार से शांति व्यवस्था में हो रही दिक्कतों को लेकर यह फैसला किया गया है। मतदान तक बंद की गई कक्षाओं का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। ऐहतियातन कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात है।
महाविद्यालय में बृहस्पतिवार से नामांकन पत्रों की बिक्री और तीन अक्तूबर को चुनाव होने थे। लेकिन बुधवार अध्यक्ष पद के दावेदार वीरजोत ग्रेवाल ने पीजी डिप्लोमा में फेल होने के बाद बखेड़ा हो गया था। वीरजोत ने समर्थकों के साथ एमपी चौक को जाम करने के साथ ही काबीना मंत्री इंदिरा हृदयेश का पुतला फूंका था।
वीरजोत ने कापियां दोबारा जांचने और परिणाम घोषित होने तक चुनाव रोकने की मांग की थी। ऐसा नहीं करने पर आत्मदाह की धमकी दी थी। शाम के समय दूसरे दावेदार साहिल कपूर के बाहर दोनों की पक्ष भिड़ गए थे। दोनों में फायरिंग और पथराव हुआ था। लगातार बिगड़ रहे हालातों को देखते हुए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने चुनाव तिथि को लेकर डीएम को रिपोर्ट भेजी थी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अर्जुन सिंह सिराड़ी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि डीएम ने कानून एवं शांति व्यवस्था की दृष्टि से निर्वाचन प्रक्रिया को अग्रिम आदेशों तक स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। अग्रिम आदेशों तक निर्वाचन प्रक्रिया को स्थगित करने के साथ ही जारी अधिसूचना को भी निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि चुनाव के चलते बंद की गई कक्षाओं में पठन पाठन सुचारु कर दिया गया है।
दावेदार नहीं कर रहे लिंगदोह सिफारिशों का पालन
एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि पूर्व में महाविद्यालय प्रशासन को लिंगदोह सिफारिशों का पालन करने का पत्र दिया गया था। लेकिन दावेदार पालन नहीं कर रहे हैं। अब वे खुद सिफारिशों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों को चिन्हित कर रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन को देंगे। उन्होंने बताया कि शहर में दावेदारों की ओर से लगाए गए होर्डिंग, पोस्टरों की वीडियोग्राफी कराकर खर्च का भी आंकलन किया जा रहा है। लिंगदोह सिफारिशों के अनुसार चुनाव का खर्च केवल पांच हजार रुपये निर्धारित है।