तस्करी में पकड़ी लकड़ी कब्जे में लेने को लेकर वनकर्मियों में हुआ विवाद हाथापाई में तब्दील हो गया। आरोप है कि वन दरोगा ने वन आरक्षी पर सरकारी बंदूक तानकर गोली मारने की धमकी दी। वहीं, वन दरोगा ने वन आरक्षी सहित तीन वनकर्मियों पर बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाया है।
तीन दिन पहले गूलरभोज चौकी पुलिस ने बाइक सहित सागौन का एक गिल्टा जब्त किया था, जबकि आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने गिल्टा और बाइक वन विभाग को सुपुर्दगी में दे दी थी। लकड़ी की सुपुर्दगी को लेकर पीपलपड़ाव रेंज के वनकर्मियों में बहस और नोकझोंक हो गई थी। बृहस्पतिवार रात यह बहस हाथापाई में बदल गई।
शुक्रवार को रेंज के वन आरक्षी राजेश कुमार ने वन दरोगा संदीप सूडा और छोटे लाल के हस्ताक्षरों के साथ गूलरभोज चौकी में तहरीर देकर कहा कि बृहस्पतिवार रात जब वह गूलरभोज वन परिसर में टहल रहा था तो वन दरोगा मोहन शर्मा नशे की हालत में अपनी कार से वहां आ धमके और 12 बोर की डबल बैरल बंदूक उस पर तानकर गोली मारने की धमकी दे डाली।
इसी बीच वन दरोगा संदीप और छोटे लाल गश्त करते हुए वहां पहुंच गए और बीचबचाव किया। लेकिन, मोहन ने उनके साथ भी गालीगलौच कर गोली मारने की धमकी दी। सूचना पर रेंजर ओपी मठपाल, सुरक्षा दल प्रभारी रुप नारायण सहित अन्य अधिकारी वहां पहुंचे। उन्होंने मोहन की डबल बैरल बंदूक के साथ ही उसके आवास में रखी 315 बोर की रायफल को भी कब्जे में ले लिया।
आरक्षी ने मोहन से जान-माल का खतरा बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। वहीं, मोहन शर्मा ने भी मेडिकल के साथ तहरीर देकर वन दरोगा संदीप, छोटे लाल और राजेश कुमार पर अवैध बंदूक और लाठी डंडों के बल पर तीन घंटे तक बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाया। गदरपुर एसओ ललित मोहन जोशी ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीरों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के एसडीओ उमेश चंद्र तिवारी ने कहा कि व्यक्तिगत झगड़ा है। ऐहतियात के तौर पर रायफल जमा कराई गई थी। अगर कोई पक्ष लिखित शिकायत करेगा तो उसकी जांच होगी।