टनकपुर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौटते समय डीआईजी पीएस सैलाल ने कोतवाली के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने थानाें एवं कोतवाली के अधिकारियों के साथ पंजीकृत अपराधों की समीक्षा की और अपराधों का पर्दाफाश नहीं होने पर नाराजगी जताई। लंबित पड़ी विवेचनाओं पर भी चर्चा की।
शुभम हत्याकांड के संबंध में पत्रकारों के सवाल पर डीआईजी सैलाल ने कहा कि 14 वर्ष के बच्चे की हत्या साजिशन नहीं हो सकती। यह हत्या या तो उसके माता-पिता की किसी से रंजिश या उसके माता-पिता द्वारा की गई किसी गलती की वजह से की गई है। यह कांड डकैती या लूट के लिए नहीं बल्कि सिर्फ हत्या करने के लिए हुआ है। डीआईजी ने कहा कि हत्यारा आसपास ही है। इस केस में किसी व्यक्ति को अनावश्यक परेशान नहीं किया गया है। मृतक के परिजनों को न्याय मिले, इसके प्रयास जारी हैं। उन्होंने हत्याकांड को परिस्थिति जन्य बताते हुए कहा कि इसका पुनर्परीक्षण किया जा रहा है। इसमें मृतक के परिजनों का सहयोग बेहद आवश्यक है।
डीआईजी ने सीमांत क्षेत्र का भी निरीक्षण किया है और बार्डर पर आवाजाही पर विशेष नजर रखने को कहा। इस दौरान सीओ डा. उत्तम सिंह नेगी, कोतवाल अजय ध्यानी, कोतवाल डीआर आर्य, थानाध्यक्ष डीएस फर्त्याल, थानाध्यक्ष राकेश चंद्र जोशी आदि थे।