पंतनगर सिडकुल की राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड से 17 किलो सोना और साढ़े छह क्विंटल चांदी के गबन के मामले में अब सीधे पीएचक्यू से डीजीपी एमए गणपति ने डीआईजी कुमाऊं पीएस सैलाल को पूरे मामले की मानीटरिंग की जिम्मेदारी दी है। साथ ही दो दिन के भीतर केस खोलने के भी आदेश दिए हैं वहीं रुद्रपुर पुलिस ने आरोपी प्लांट हेड को दो दिन के रिमांड पर लिया है। कंपनी के स्वामी राजेश मेहता के छोटे भाई और कंपनी के एमडी आर मेहता भी मंगलवार को सिडकुल चौकी पहुंचे, जहां पुलिस के आला अधिकारियों ने घंटों उनसे पूछताछ की।
मंगलवार को सिडकुल पुलिस चौकी में दिनभर आला अफसरों का डेरा जमा रहा। अब तक इस पूरे मामले की मानीटरिंग एएसपी पंकज भट्ट कर रहे थे, लेकिन स्थानीय पुलिस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए डीजीपी ने सीधे इस केस के लिए डीआईजी कुमाऊं पीएस सैलाल को मैदान में उतार दिया है।
सिडकुल स्थित राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड से 17 किलो सोना गायब का मामला अब दिन प्रतिदिन और गर्माता जा रहा है। करोड़ों रुपये के गबन के इस मामले को उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय भी पूरी गंभीरता से ले रहा है। उधर खुफिया विभाग भी अब इसमें अपने हाथ-पांव मारने लगा है। मामला डीजीपी स्तर तक पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर भी पुलिस में भी खलबली मच गई है। वहीं मंगलवार को आरोपी प्लांट हेड को पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर ले लिया है।
आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वहीं इसमें शहर के दो ज्वैलर्स के अलावा अन्य के नाम भी उजागर होने लगे हैं। पुलिस को भी अब उम्मीद लग गई है कि 24 घंटे के भीतर यह पूरा केस खुल जाएगा। पुलिस की सख्ती और आरोपी को रिमांड मिलने के बाद उन ज्वैलर्स की भी चिंता बढ़ने लगी है जिनके नाम इस केस में शामिल किए गए हैं।
राज्य की भी बदनामी है, उद्यमी पलायन कर जाएंगे
राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड के मालिक राजेश मेहता के छोटे भाई और कंपनी के एमडी आर मेहता जब मंगलवार को सुबह सिडकुल पुलिस चौकी पहुंचे तो उनके साथ भी पुलिस के आला अधिकारियों ने घंटों बातचीत की। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि एनडी तिवारी की बसाई इस औद्योगिक नगरी में अगर इस तरह के मामले होते रहे तो यहां फिर उद्यमी क्यों आएगा। मजबूरन उन्हें पलायन करना पड़ेगा।
इस तरह के बड़े गबन के मामलों का होना राज्य की बदनामी है। महाराष्ट्र से यहां पहुंचे आर मेहता ने भी एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले से बातचीत में उन्होंने यही कहा कि सबसे पहले वह चाहते हैं कि उनका माल बरामद हो जाए। साथ ही कंपनी में श्रमिकों और कर्मचारियों में एकजुटता भी बनी रहे। उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई हो जाएगी लेकिन फैक्ट्री के लोगों में बिखराव की भावना खत्म होनी जरूरी है।
आरोपी ज्वैलर्स के साथ पुलिस पर भी गिर सकती है गाज
17 किलो सोने के गबन में मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से एक सप्ताह तक माल की बरामदी नहीं होने से इसमें कई झोल नजर आ रहे हैं। इसमें अब जांच सीधे डीजीपी स्तर से हो रही है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं अब जिन-जिन लोगों के नाम 17 किलो सोना गायब करने में आ रहा है उनमें कई के नपने की भी तैयारी पुलिस करने लगी है।
तीन टीमों को दी अलग-अलग जिम्मेदारी
डीआईजी कुमाऊं पीएस सैलाल के हाथों में आई 17 किलो सोने की मानीटरिंग में उन्होंने अपने स्तर से तीन टीमों का गठन कर दिया गय है। इसमें एक टीम तो सोना बरामद करने में लगा दी है, वहीं एक टीम कोर्ट के मामलों की पैरवी में रहेगी जबकि एक तीसरी टीम विवेचना में लगाई गई है। डीआईजी कुमाऊं पीएस सैलाल ने बताया कि इस केस की पूरी मानीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं। आरोपी को दो दिन के रिमांड पर ले लिया है। दो दिन के भीतर पूरे केस के खुलने के चांस बन गए हैं।