जिला अस्पताल में यूं तो भ्रष्टाचार का पूरी तरह बोलबाला है। यहां कई काम नियमों को ताक पर रखकर किए जाते हैं। वहीं मेडिकल बनाने के नाम पर भी यह गोरखधंधा पिछले कई साल से चल रहा है।
अमर उजाला ने मेडिकल बनाने के नाम पर हो रही अवैध वसूली को लेकर अगस्त में अभियान चलाकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को चेताया था, लेकिन अफसरों ने गंभीरता से नहीं लिया और फिर से मेडिकल बनाने का यह धंधा अपने चरम पर पहुंच गया है।
विगत दिवस एक भाजपा नेता पर हुए हमले के बाद जब परिजन उनका मेडिकल बनाने के लिए रात को जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां तैनात एक डाक्टर और फार्मासिस्ट ने मारपीट का मेडिकल बनाने के नाम पर पहले तो आठ हजार रुपये की डिमांड की।
परिजनों ने अपनी गरीबी का हवाला दिया तो डाक्टर पांच हजार रुपये पर आ गए। इसके बाद भी गिड़गिड़ाने पर डाक्टर और फार्मासिस्ट ने ढाई हजार रुपये में मेडिकल बनाने की बात कही, जिस पर पीड़ित पक्ष ने दो हजार रुपये तत्काल दे दिए और पांच सौ रुपये कुछ देर बाद लाने को कहा।
थोड़ी देर बाद वह पांच सौ रुपये भी ले आया। उसने डाक्टर की ओर रुपये बढ़ाए तो उन्होंने फार्मासिस्ट को देने को कहा। यह पूरा मामला एक महिला ने अपने मोबाइल फोन में वीडियो में कैद कर लिया।
उधर यह मामला जब डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने सीएमओ से इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सीएमओ ने कहा वह अभी कुछ नहीं कह सकते हैं, जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
बता दें कि वीडियो में सब कुछ स्पष्ट दिख रहा है। रुपये मांगे जा रहे हैं मौके पर ही मेडिकल बनाने की तैयारी हो रही है और आला अधिकारी इस पूरे मामले पर लीपापोती करने में जुटे हैं।इधर, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के नगरमंत्री चंद्रपाल कोली के भाई अनुज तेजपाल ने कहा कि उन्हें ढाई हजार रुपये देकर मेडिकल बनवाना पड़ा।