सितारगंज। दिल्ली के हिस्ट्रीशीटर जरनैल सिंह उर्फ जैली की पुलिस से मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत के मामले में चल रही मजिस्ट्रेटी जांच में परिजनों के बयानों के बाद शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के आधा दर्जन अफसर व कर्मियों के एसडीएम ने बयान लिए। एसडीएम ने बताया कि अभी पांच अन्य पुलिस कर्मियों के भी बयान लिए जाएंगे।
बीती 11 अगस्त की रात करीब नौ बजे सेक्टर 36, झंगोला थाना अलीपुर दिल्ली निवासी जरनैल सिंह उर्फ जैली (35) पुत्र अमरीक सिंह नानकमत्ता के बिचई गांव में अपनी बुआ कुलवंत कौर के घर आया था। 12 अगस्त की तड़के दिल्ली पुलिस के 11 अधिकारी व कर्मचारी कार से बिचई गांव पहुंचे। पुलिस के मुताबिक यहां जैली की उनसे मुठभेड़ हो गई और एक गोली जैली की कमर में लगी। मुरादाबाद के एशियन विवेकानंद अस्पताल में 16 अगस्त की रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
घटना की मजिस्ट्रेटी जांच में 21 सितंबर को एसडीएम विनोद कुमार के समक्ष जैली के पिता अमरीक सिंह, भाई इकबाल सिंह व हरजिंद सिंह और बुआ कुलवंत कौर समेत प्रत्यक्षदर्शियों ने बयान दर्ज कराए। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी पीठ पर गोली मारी, जबकि जैली ने कोई फायर नहीं किया था। टीलू गैंग के इशारे पर पुलिस के एक अधिकारी ने उसे मार डाला। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने मुठभेड़ में शामिल 11 पुलिस अफसर व कर्मियों में से अलीपुर थाने के एसआई अमित कुमार, रविंद्र जोशी, एएसआई धीरेंद्र, हेड कांस्टेबल कपूर सिंह, अजीत सिंह व कांस्टेबल सुरेश कुमार के बयान लिए। इसके अलावा पांच अन्य पुलिस कर्मियों के भी बयान दर्ज होने हैं। जिनके लिए अगली तिथि तय की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट गोपनीय है। जिस कारण पुलिस के बयानों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।