कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। मोहल्ला जसपुर खुर्द निवासी सोनू कुमार रूहेला पुत्र संजय कुमार ने धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसे स्व. निर्मलराम पुत्र स्व. गरीबदास ने 30 दिसंबर 2015 को पंजीकृत वसीयतनामे के आधार पर अपना वारिस माना और जीवित रहते स्व. निर्मलराम ने अपनी सेवा पुस्तिका में उसे अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
धर्मपिता स्व. निर्मलराम ऊर्जा निगम में कार्यरत थे। उसके पिता की 22 अक्तूबर 2016 को मृत्यु हो गई, जिनका पोस्टमार्टम, दाह संस्कार आदि सभी क्रियाएं उनकी की। इस बीच उसे पता चला कि विनीत कौशिक ने न्यायालय में उत्तराधिकारी घोषित करने के लिए एक वाद दायर किया है। इस पर उन्होंने न्यायालय में आपत्ति दायर की।
पता चला कि विनीत कौशिक ने अपने पिता शिवेंद्र कुमार शर्मा के साथ षड्यंत्र रचकर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र पाने के लिए कोर्ट में फर्जी राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज बिजली महकमे के एसडीओ से प्रमाणित कराए हैं, जो फर्जी हैं। सोनू कुमार ने आरोपियों से जान माल का खतरा बताया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत के आदेश पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 504, 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है।