रंपुरा चौकी क्षेत्र स्थित खेड़ा में लंबे समय से चल रहे नशे के कारोबार के खिलाफ मंगलवार को खुद डीआईजी कुमाऊं अजय रौतेला ने छापे डलवाए। नैनीताल एसटीएफ, हल्द्वानी और स्थानीय पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में क्षेत्र के पार्षद का बेटा नशीली दवाओं का कारोबार करते पकड़ा गया। पार्षद पुत्र के घर से फ्रिज में पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा भी बरामद किया। साथ ही नशीली दवाएं वाशिंग मशीन में रखी थीं।
पुलिस ने पार्षद पुत्र को हिरासत में लिया है जबकि दो अन्य मेडिकल स्टोर स्वामियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। डीआईजी ने छापामार टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है जबकि एसएसपी एएस ताकवाले ने भी टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
डीआईजी कुमाऊं अजय रौतेला को लंबे समय से रुद्रपुर के खेड़ा क्षेत्र में चार दवा की दुकानों में नशीली दवाओं के बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी। इस पर डीआईजी ने नशे के सौदागरों को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई। सोमवार को पहले डीआईजी ने अपने विश्वस्त लोगों को क्षेत्र में भेजकर मेडिकल स्टोरों से नशीली दवा खरीदवाई।
जब पूरी तरह पुलिस को पुष्टि हो गई तो डीआईजी ने नैनीताल, हल्द्वानी और रुद्रपुर से तत्काल पुलिस की टीमों को दबिश देने के निर्देश दिए। एएसपी क्राइम टीडी वैला, एएसपी पंकज भट्ट और सीओ राजेश भट्ट भारी पुलिस बल के साथ मंगलवार को खेड़ा पहुंचे। सबसे पहले पार्षद नूर अहमद के बेटे इरशाद के अंसारी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट और मानवेंद्र भी टीम के साथ मौजूद थे।
पुलिस टीम को अंसारी मेडिकल स्टोर से भारी मात्रा में नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। साथ ही एक तमंचा भी बरामद किया गया। पार्षद पुत्र इरशाद ने तमंचे को फ्रिज में और दवाओं को घर में रखी वाशिंग मशीन में स्टोर किया था। इसके बाद चार अन्य दुकानों पर भी छापेमारी की कार्रवाई की गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों को बंद कर भाग खड़े हुए। वहीं टीम ने खेड़ा में ही किशन मेडिकल एजेंसी में भी छापा मारा तो वहां पुलिस को भारी मात्रा में नशे के इंजेक्शन और नशीली दवाएं मिलीं।
छापे से पहले ही दो बड़े सौदागर भागे
नशे के कारोबार के खिलाफ डीआईजी के निर्देश पर चलाये गये गोपनीय अभियान में भी लोगों ने सेंध मारने में कसर नहीं छोड़ी। एसटीएफ के रुद्रपुर में पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस से संपर्क किया गया। टीम के आने से पहले ही दो नशे के सौदागर अपनी दुकानें बंद कर भागने में कामयाब हो गए। स्थानीय लोगों की मानें तो इन दो दुकानों में सबसे अधिक नशे की दवाएं बिकती थीं। इनके पकड़े जाने पर पुलिस को और बड़ी सफलता मिलती।
अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग से बुलाने पड़े ड्रग इंस्पेक्टर
नशे के कारोबार का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस के साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर भी दूसरे जिलों से बुलाने पड़े। जिले में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर रिश्वत लेने के कारण जेल में बंद है। डीआईजी के निर्देशों पर की गई इस छापेमारी के लिए रुद्रप्रयाग के ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र राणा और अल्मोड़ा की ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट को बुलाया गया था।
इंजेक्शन के साथ ही पुड़िया में बेच रहे थे नशा
खेड़ा में पकड़े गए नशे के सौदागर इंजेक्शन के साथ ही पुड़िया में नशा बेच रहे थे। खुले में जहां यह डाईजेपाम, कोरेक्स, एमेजाल आदि को नशे के लिए बेचते थे, वहीं बड़े नशेड़ियों के लिए इनके पास नशे की पुड़िया भी उपलब्ध थी। इस पुड़िया में नशे की चार-पांच दवाओं के साथ ही इंजेक्शन और नशा सूंघने के लिए कपड़ा उपलब्ध होता था। आम तौर पर इसमें रखी दवाओं की कीमत तीन से चालीस रुपये होती है। लेकिन पुड़िया के रूप में नशेड़ियों को उन्हें 150 से 200 रुपये में बेचा जाता था।
रंपुरा में नशे ने बनाया कई युवकों को चोर
रंपुरा क्षेत्र के खेड़ा में नशा जहां लोगों के जीवन के साथ उनके घरों को तबाह कर रहा है, वहीं कई युवकों को इस नशे ने अपनी गिरफ्त में लेकर चोर बना दिया है। वर्तमान में रंपुरा क्षेत्र में सबसे अधिक चोरी की वारदातें होती हैं। अधिकांश लोग यहां पर नशे के पैसों को जुटाने के लिए चोरियां करते हैं। इस सब की जानकारी पुलिस को होने के बाद भी पुलिस इन्हें छोटा नशेड़ी कहकर छोड़ देती है, लेकिन नशे पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई नहीं करती।
पार्षद ने की पुलिस से नोकझोंक
छापे की कार्रवाई के दौरान जब पुलिस ने पार्षद के बेटे की दुकान से नशीली दवाओं का जखीरा और 315 बोर का अवैध तमंचा बरामद होने के बाद एएसपी क्राइम टीडी वैला ने पार्षद से पूछताछ की। इस पर पार्षद पुलिस को बरगलाने की कोशिश करने लगा, बाद में नोकझोंक हो गई।
मुझे पिछले कई दिनों से रुद्रपुर के खेड़ा क्षेत्र में दवा की दुकानों में नशीली दवाओं की भारी मात्रा में बिक्री की सूचना मिल रही थी। मैने पहले इसकी गोपनीय जांच करवाई और कुछ दुकानों से नशीली दवाओं की खरीददारी भी करवाई। इसके बाद मामला पूरी तरह से पुष्ट हो गया तो मैंने नैनीताल से एसटीएफ और हल्द्वानी पुलिस के साथ ही रुद्रपुर पुलिस को इसमें शामिल किया। इस तरह की कार्रवाई काशीपुर सहित अन्य जगहों पर भी की गई है। नशीली दवाओं की बिक्री रोकने और आरोपियों की धरपकड़ के लिए इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
- अजय रौतेला, डीआईजी कुमाऊं