कांस्टेबल की जांबाजी से बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी चोरी होने से बच गई। कांस्टेबल ने एक नकाबपोश चोर को पकड़ लिया, लेकिन गुत्थमगुत्था में चोर ने कांस्टेबल के हाथ पर चाकू से वार कर दिया। चोर के शोर मचाने पर बैंक के भीतर घुसे उसके तीन साथी बाहर आ गए और सिपाही पर फायर झोंक दिया। छर्रे जैकेट के भीतर पीठ पर निशान छोड़ते हुए निकल गए।
घायल सिपाही ने भी जवाबी फायर किया जो मिस हो गया। इस बीच दूसरा सिपाही भी मौके पर पहुंच गया लेकिन चोर अंधेरे का फायदा उठाकर बच निकलने में सफल रहे। सूचना पर एएसपी और एसएसपी ने मौका मुआयना किया। उन्होंने जांबाज जवान को वीरता पुरस्कार के लिए संस्तुति करने की बात कही है। घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने करीब एक दर्जन संदिग्धों को उठाया भी है। जांच में पुलिस के हाथ कुछ ठोस सुराग हाथ लगे हैं।
सत्रहमील चौकी पर तैनात कांस्टेबल मुकेश वर्मा निवासी पपदेव गांव ब्लॉक विण (पिथौरागढ़) अपने साथी सिपाही संजय शर्मा निवासी लोहाघाट के साथ सोमवार रात सत्रहमील बाजार में गश्त कर रहे थे। मंगलवार तड़के करीब चार बजे मुकेश भगचुरी रोड पर बाजार से करीब 50 मीटर दूर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के निरीक्षण के लिए चले गए। कांस्टेबल मुकेश जब वहां पहुंचे तो देखा कि बैंक के बाहर एक नकाबपोश खड़ा है और बैंक का शटर खुला हुआ है।
मुकेश ने स्थिति को भांपते हुए बाहर खड़े नकाबपोश को पकड़ लिया। नकाबपोश ने कांस्टेबल पर चाकू से हमला किया, जिससे मुकेश के बाएं हाथ पर जख्म हो गया। नकाबपोश के हल्ला मचाने पर अंदर लॉकर काट रहे हथियानबंद तीन और नकाबपोश बाहर आए। उनमें से एक ने कांस्टेबल मुकेश पर पीठ की तरफ से 12 बोर के तमंचे से फायर झोंक दिया। घायल मुकेश की पकड़ कमजोर होने पर चोर उनके हाथ से छूट तो गया, लेकिन मुकेश ने जवाबी कार्रवाई में चोरों पर फायर झोंक दिया। हालांकि यह फायर मिस हो गया। इधर, गोली की आवाज सुनकर पास में ही गश्त कर रहे कांस्टेबल संजय शर्मा भी पहुंच गए। पुलिस से घिरता देख चारों हथियारबंद नकाबपोश अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
बैंक में चोरी के प्रयास और कांस्टेबल के घायल होने की सूचना से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची फोर्स ने नकाबपोशों की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं घायल कांस्टेबल मुकेश को नागरिक चिकित्सालय में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। कांस्टेबल के बाएं हाथ के अंगूठे में नौ टांके आए हैं, जबकि पीठ पर चार जगहों पर छर्रों के निशान हैं। सुबह छह बजे एएसपी देवेंद्र सिंह पींचा भी मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। इधर, बाद में एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की हैं।
गैस कटर से काटा शटर और लॉकर
खटीमा। बॉब की सत्रहमील शाखा में चोरों ने गैस कटर से शटर का सेंटर लॉक काटा। उसके बाद बैंक के अंदर बने दो लॉकर और एक अल्मारी काटी। इससे पहले कि चोर मेन लॉकर को काटते कांस्टेबल मुकेश वर्मा वहां पहुंच गए और चोरी की बड़ी वारदात होने से बच गई। चोरों ने बैंक के अंदर की सभी दराजों को भी खंगाल लिया था।
घटनाक्रम पर एक नजर
11 बजे रात : सत्रहमील चौकी पर तैनात कांस्टेबल मुकेश वर्मा और संजय अग्रवाल रात्रि गश्त पर निकले।
4:00 बजे तड़के: टेड़ाघाट सहित आसपास के गांव की गश्त कर दोनों जवान सत्रहमील सम्राट अशोक चौक पहुंचे।
4:15 बजे : कांस्टेबल मुकेश वर्मा भगचुरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की गश्त पर निकले। यहां बैंक के बाहर खड़े नकाबपोश से मुकेश वर्मा की 20 से 25 सेकेंड तक गुत्थमगुत्था हुई।
4:17 बजे : बैंक के भीतर से तीन अन्य नकाबपोश बाहर आए और कांस्टेबल मुकेश पर फायर झोंका।
4:19 बजे : कांस्टेबल संजय शर्मा मौके पर पहुंचे।
4:20 बजे : नकाबपोश सभी चोर मौके से फरार हो गए।
एक दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया
सत्रहमील के सम्राट अशोक चौक पर स्थित बॉब में किए गए चोरी के प्रयास के मामले में पुलिस ने देर शाम तक एक दर्जन संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए उठा लिया था। पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ कर रही है।
वीरता पुरस्कार के लिए करेंगे संस्तुति
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कांस्टेबल मुकेश वर्मा की जांबाजी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि वीरता पुरस्कार के लिए जवान के नाम की संस्तुति की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जल्द ही चोर गिरफ्त में होंगे। उन्होंने बैंक के अधिकारियों से अपील की है कि कि बैंकों में अलार्म का न्यू वर्जन जो बाजार में उपलब्ध हैं, उन्हें लगाएं। इस अलार्म के रहने से इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगेगा। एसएसपी ने बताया कि इस संबंध में शीघ्र ही बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे बैंकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा करने की बात कही।
बैंक में चार लाख कैश था
बॉब के शाखा प्रबंधक अतुल सिंह ने बैंक पहुंचकर घटना की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि बैंक के लॉकर में चार लाख कैश था। सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर उन्होंने बताया कि चोर तीन बजे बैंक में दाखिल हुए और एक घंटा तक वारदात को अंजाम देते रहे।
चोरों ने सात में से छह सीसीटीवी के तार काटे
खटीमा। जिस तरह से वारदात की कोशिश की गई उससे पता चलता है कि बॉब में चोरी से पहले चोरों ने दिन के समय बैंक में लगे सीसीटीवी और लॉकर की पूरी जानकारी जुटाई होगी। चोरों ने बैंक के सात में से छह सीसीटीवी के साथ ही नजदीक के जेके पब्लिक स्कूल के गेट पर लगे सीसीटीवी के तार भी काट रखे थे। बैंक के अंदर का एक कैमरा चोरों की नजर में नहीं आ पाया, उसमें वारदात दर्ज हो गई।
मौके पर छोड़े गए औजार कब्जे में लिए
बैंक में चोरी के लिए लाए गए औजार चोर मौके पर ही छोड़ गए हैं। इसमें गैस कटर, एमके का गैस सिलिंडर, दो चाकू और सरिया शामिल हैं। गैस कटर के रूप में पुलिस को बहुत बड़ा सुराग हाथ लगा है। यह नया गैस कटर बगैर आईडी के दुकानदार नहीं देता। पुलिस इस गैस कटर और सिलिंडर से चोरों तक आसानी से पहुंच सकती है। सीओ बीएल मधवाल ने बताया कि पुलिस को पता चल चुका है कि गैस कटर नौसर में हो रहे निर्माणस्थल से लिया गया है। पुलिस ने इस निर्माणस्थल पर लगे चौकीदार, इंचार्ज आदि को पूछताछ के लिए उठाया है।
एक अगस्त को हुआ था एटीएम काटने का प्रयास
सत्रहमील सम्राट अशोक चौराहे के पास स्थित बॉब में यह चोरी का दूसरा प्रयास है। इससे पहले भी चोरों ने यहां लगे एटीएम को काटकर चोरी का प्रयास किया था, लेकिन चोर एटीएम पूरी तरह काटने में सफल नहीं हो पाए थे। चोरों ने एटीएम को कई जगह से काटा, लेकिन वह एटीएम को खोल नहीं पाए। इसके अलावा चोरों ने कुछ दिन पूर्व सितारगंज रोड में पंजाब नेशनल बैंक के ताले तोड़कर चोरी का प्रयास किया था, लेकिन स्ट्रांग रूम नहीं खुल पाने के कारण यह प्रयास भी विफल हो गया था। एक और घटना में पीएनबी में इससे पहले एटीएम काटकर 25 लाख की नकदी चोरी की जा चुकी है। इसके अलावा सत्रहमील में ही सहकारी समिति की तिजोरी को चोर उठाकर ले गए थे। इन चारों घटनाओं में से किसी का भी खुलासा आज तक नहीं हो पाया है।
फोरेंसिक जांच टीम ने नमूने जुटाए
घटना की सूचना पर एसओजी प्रभारी तुषार बोहरा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लॉकर और अलमारी से फोरेंसिक जांच के लिए नमूने जुटाए। साथ ही फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट लिए। वारदात के खुलासे के लिए गठित पांच में से एक टीम घटना के दौरान मोबाइल फोन की लोकेशन, चोर जिधर को भागे उस ओर और सीसीटीवी की फुुटेज खंगाल रही है।
सुरक्षा के लिहाज से असुरक्षित हैं तहसील के बैंक
सुरक्षा के लिहाज से यहां के बैंक असुरक्षित है। बैंक में रात्रि ड्यूटी के लिए गार्डों की व्यवस्था नहीं है। दिन की पाली में भी जो गार्ड हैं, उनसे गार्ड का काम कम और बैंक के अंदर के काम अधिक कराए जाते हैं। बैंकों में इलेक्ट्रानिक सिक्योरिटी सिस्टम डेवलप नहीं किया गया है। इससे चोरों के लिए बैंक एक आसान टारगेट हैं।