सीपीयू ओर पुलिस की संयुक्त चेकिंग अभियान के चलते हंगामा हो गया। इस दौरान एक एसआई से तीखी झड़प हो गई। व्यापारियों ने पुलिस को खूब खरी खोटी सुनाई। एसआई ने व्यापार मंडल उपाध्यक्ष समेत छह लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने दबिश देकर तीन नामजद लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार को शहर के बेरिया दौलत तिराहा स्थित पंजाब क्लाथ हाउस के सामने सीपीयू और पुलिस चेकिंग कर रही थी। इस बीच गांव नरखेड़ा निवासी बिना हेलमेट के एक युवक बाइक से अपनी माता को बैठाकर दवाई लेने जा रहा था। पुलिस ने उसे रोक लिया। जिस पर महिला बाइक से उतरते ही बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। खबर मिलते ही व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सिंह स्वरूप भारती व्यापारियों के साथ मौके पर पहुंचे। जिस पर हंगामा हो गया।
लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान एसआई गणेश पांडे से तीखी झड़प हो गई। व्यापारियों ने मुख्य बाजार मेें चेकिंग का विरोध करते हुए नगर के मुख्य मार्ग पर उत्तर दिशा में लेवड़ा नदी पुल और मुंडिया पिस्तौर तिराहा पर चेकिंग करने को कहा। आरोप है कि सीपीयू और पुलिस ने ओपी अग्रवाल के पंजाब क्लाथ हाउस के सामने घंटे भर चेकिंग की। जिससे दुकानदारी ठप हो गई। एसएसआई सुशील कुमार ने समझाकर मामला शांत कराया।
एसआई गणेश पांडे ने कोतवाली में व्यापार मंडल प्रदेश सचिव सत्यवान गर्ग, नगर उपाध्यक्ष सिंह स्वरूप भारती, प्रेम यादव, रेशम यादव, राकेश कोछड़, संजय गोयल ओर अन्य लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 332, 353, 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। शाम को एसएसआई सुशील कुमार ने पुलिस बल के साथ हल्द्वानी बस स्टैंड के पास से व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सिंह स्वरूप भारती, रेशम यादव और प्रेम यादव को गिरफ्तार कर लिया।
इधर, सीओ एमसी बिन्जौला ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच केलाखेड़ा एसओ वीरेंद्र रमोला को सौंपी गई है। देर शाम व्यापारी और कांग्रेसी एसएसआई सुशील कुमार से मिले उन्होंने गिरफ्तार तीन व्यापारियों को थाने से ही जमानत देने का अनुरोध किया। लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। वहां पर पूर्व दर्जा मंत्री जितेंद्र शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष गुरजीत गित्ते आदि थे।