सर्वेश्वरी एन्क्लेव में एक कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर पंकज श्रीवास्तव के घर डकैती और उनकी पत्नी अपर्णा प्रिया की हत्या की वारदात को सुलझाने में पुलिस ने ताकत झोंक दी है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यूपी के कासगंज में हुई डकैती की दो वारदातों और उस दौरान चार लोगों की हत्या में शामिल छैमार गैंग के बदमाशों का रुद्रपुर की वारदात में हाथ हो सकता है।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि पुलिस पुरानी डकैती में शामिल बदमाशों के अलावा छैमार, बावरिया और भातु गैंग के सदस्यों के बारे मेें जानकारी जुटा रही है। इन जगहों पर छैमार, बावरिया और भातु गैंग की सक्रियता है। साथ ही वहां की पुलिस पुलिस के साथ ही पुराने संपर्कों के आधार पर वारदातों में शामिल रहे बदमाशों की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।
यह भी पता किया जा रहा है कि रुद्रपुर की तरह पूर्व में हुई वारदातों में शामिल कौन से बदमाश जमानत पर बाहर हैं। वहीं, पारदी गैंग की लिप्तता के अंदेशे से पुलिस ने मध्यप्रदेश क्राइम ब्रांच से भी संपर्क साधकर कई अहम जानकारियां हासिल की हैं। इधर, स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की 10 टीमें सीसीटीवी, सर्विलांस और संदिग्धों की धरपकड़ कर पूछताछ में जुटी हैं। मामले में अब तक करीब 80 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। ब्यूरो
घुमंतू जनजाति के डेरे खंगाले, 18 को पूछताछ के बाद छोड़ा
रुद्रपुर में प्रोडक्शन मैनेजर के घर में डकैती और हत्या के बाद पुलिस ने जिलेभर में सड़क किनारे और खाली जगहों पर डेरा डाले घुुमंतू जनजाति के डेरों में दबिशें दीं। पुलिसकर्मियों ने डेरे खंगालने के साथ ही रुद्रपुर क्षेत्र में 18 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
इसके अलावा, अन्य थाना क्षेत्रों में भी खानाबदोश लोगों को उठाकर पूछताछ की गई। चूंकि, छैमार, बावरिया गैंग के सदस्य तमाशे दिखाने, दवा बेचने आदि के बहाने सड़क किनारे डेरों में रहते हैं। इसी बहाने वे घरों की रेकी करने के बाद वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। हालांकि पूछताछ में पुलिस को कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी। उन सभी को छोड़ते हुए इन लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर लेने के बाद उन्हें तत्काल जिला छोड़कर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
रुद्रपुर। सर्वेश्वरी एन्क्लेव में हुई वारदात के बाद छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को वापस बुलाया गया है। सभी थाना और चौकी क्षेत्रों के दरोगा और कांस्टेबलों को तत्काल बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। इन पुलिसकर्मियों को वारदात सुलझाने और गश्त में लगाने को कहा गया है। इसके अलावा हर थाना प्रभारी को सुबह और रात को अधीनस्थों को ब्रीफिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
रुद्रपुर में आईजी पूरन सिंह रावत ने कहा कि नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में सीपीयू और चीता मोबाइल शहर की आउटर कॉलोनियों में गश्त करेगी। संदिग्ध रूप से दिखने वाले लोगों से पूछताछ भी की जाएगी। साथ ही रात 12 बजे से जिले और अंतरराज्जीय सीमाओं पर पुलिस चार पहिया वाहनों की भी जांच करेगी।
आईजी पूरन सिंह रावत ने रविवार को सीओ कार्यालय में की प्रेसवार्ता में कहा कि दोनों जिलों में घटी घटनाओं से लोगों में दहशत है। ऐसी घटना न घटे, इसके लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि इसके लिए पुलिस कर्मियों को कॉलोनियों में भेजकर अधिक से अधिक लोगों से प्रतिदिन संपर्क किया जाएगा। पुलिस लोगों को अपना नंबर देगी और कुछ कॉलोनी वालों के नंबर भी अपने पास रखेगी। लोगों से पुलिस कॉलोनियों में आने वाले संदिग्ध लोगों के बारे में प्रतिदिन पूछेगी।
उन्होंने कहा कि गश्त हो रही है या नहीं इसे देखने के लिए राजपत्रित अधिकारी मौके में जाकर लोगों से जानकारी हासिल करेंगे। आईजी ने कहा कि सभी कॉलोनाइजरों से गेट पर सीसीटीवी और गार्ड तैनात करने का अनुरोध किया जाएगा। कहा कि राज्य स्तर पर हरिद्वार से लेकर चंपावत तक अंतरराज्यीय सीमाओं के मार्गों पर सीसीटीवी लगाने की कार्रवाई चल रही है। कुमाऊं में ऊधमसिंह नगर से चंपावत तक सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है।
नैनीताल और यूएस नगर जिले की संयुक्त टीम जाएगी बहार
रुद्रपुर। आईजी पूरन सिंह रावत ने कहा कि पुलिस ने 250 आदिवासी गिरोह का पता लगाया है, जो यूपी, महाराष्ट्र आदि राज्यों में सक्रिय हैं। इन गैंग के नंबर भी जुटाए गए हैं। नैनीताल और यूएस नगर जिले के पुलिस कर्मियों की 14 संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। सोमवार तक सभी टीमों को रवाना कर दिया जाएगा।
आईजी ने केस की प्रगति जानी, सतर्कता बरतने के निर्देश
रुद्रपुर। आईजी पूरन सिंह रावत ने सीओ कार्यालय में ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने डकैती और हत्या की वारदात के खुलासे को लेकर किए गए कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों की पुलिस के लिए वारदातों के खुलासे चुनौती हैं। वारदात के खुलासे के लिए बेहतर तालमेल बनाकर काम करें और घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सतर्कता बरतें।
बैठक में एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, देवेंद्र पींचा, स्वतंत्र कुमार, एसपी सिटी हल्द्वानी अमित श्रीवास्तव, सीओ हल्द्वानी दिनेश चंद्र ढौंडियाल आदि पुलिस कर्मी थे।