शहर के रंपुरा क्षेत्र में नौ साल पहले हुई मारपीट के मामले में तीन दरोगाओं सहित 12 पुलिस कर्मियों पर कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस कर्मियों पर घर में घुसकर मारपीट, गालीगलौच और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। मुकदमा दर्ज होने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। मामले की विवेचना सीओ सिटी को सौंपी गई है।
रंपुरा वार्ड नंबर आठ निवासी राम किशोर ने कोतवाली में दर्ज शिकायत में कहा कि 23 मई, 2008 की रात तत्कालीन दरोगा मनोज रतूड़ी, नीरज कुमार और संतोष जायसवाल के साथ नौ अन्य पुलिसकर्मी अचानक उसके घर में घुसे और परिजनों के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ भी की।
इस दौरान जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के साथ गाली गलौच भी की और मामले की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की भी धमकी गई। तब कोतवाली में शिकायत की गई, लेकिन काफी चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट में आवेदन पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कोर्ट ने मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेकर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
अब कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने एसआई मनोज रतूड़ी, नीरज कुमार, संतोष जायसवाल और नौ अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 452, 323, 354, 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार को सौंपी गई है।