आरटीआई वापस लेने के लिए पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कमल सक्सेना एडवोकेट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस को दी तहरीर में मोहल्ला थाना साबिक निवासी रिजवान अली ने कहा है कि मुरादाबाद रोड पर वह बैटरी बेचने का कार्य करता है। वह अपने व्यवसाय के लिए एक वर्ष पूर्व से दुकान बना रहा था। लेकिन विभाग द्वारा नक्शे पास नहीं किए जा रहे थे। दुकान की स्थिति खस्ताहाल होने के कारण उसने बगैर नक्शे के ही निर्माण कार्य कर लिया। 25 जुलाई 2017 को कमल सक्सेना ने आरटीआई के तहत उक्त दुकान के नक्शे के संबंध में जानकारी मांगी।
क्शा स्वीकृत न होने की जानकारी मिलने पर कमल ने 21 अगस्त को फोन कर उससे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उसने उसे एक ढाबे पर बुलाया। वहां उसने कमल को चालीस हजार रुपये दिए। लेकिन कमल सक्सेना ने पूरे पांच लाख का इंतजाम करने की बात कहते हुए उसे बर्बाद करने की धमकी दी। इसी रात उसने खुद को प्राधिकरण के जेई के पास बैठा होना बताते हुए फोन पर रुपये मांगे। कहा कि तुम्हारी फाइल जलाने के बारे में जेई साहब से बात हो गई है।
जवान का कहना है कि उसने यह बात अपने मित्र शंकर तिवारी को बताई तो कमल सक्सेना ने तिवारी से मामला ढाई लाख में निपटवाने को कहा। मना करने पर उसने दुकान का ध्वस्तीकरण कराने की धमकी दी। इस दौरान उसने एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से उससे रंगदारी की मांग की।
आरोप है कि पांच दिसंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे कमल सक्सेना ने उसे रामनगर रोड पर रोककर ब्लैकमेल करते हुए रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रंगदारी की धारा 384 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।