शासन की ओर से अंत्योदय कार्डधारकों के लिए आवंटित छह माह की चीनी कोटाधारक डकार गए। इससे गरीबों के हक पर डाका तो डला ही है, सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगा है। सहकारी सस्ता गल्ला की दुकानों को आवंटित चीनी उपभोक्ताओं तक न पहुंचने से उनमें आक्रोश है। उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से चीनी घोटाले की शिकायत करते हुए जांच की मांग की है।
सितारगंज तहसील क्षेत्र में स्थित करीब 78 सहकारी सस्ता गल्ला की की दुकानों पर अक्तूबर से मार्च तक चीनी का आवंटन नहीं किया गया। मई में शासन ने कोटाधारकों को अंत्योदय कार्डधारकों के लिए छह माह की चीनी का आवंटन किया, लेकिन एक भी कोटाधारक ने उपभोक्ताओं को चीनी नहीं बांटी और शासन से मिले चीनी कोटे पर लाने की जगह कालाबाजारी कर स्टॉक को ही डकार गए।
अब मामले की जानकारी होने पर उपभोक्ताओं में आक्रोश फैल गया। इससे उपभोक्ताओं को चीनी न मिलने के साथ ही सरकार को भी लाखों रुपये की हानि हुई है। नगरवासियों ने इस मामले में जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल को पत्र भेजकर चीनी घोटाले की शिकायत की और जिलाधिकारी से चीनी घोटाले की जांच करा दोषी कोटाधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कोट - छह माह के चीनी आवंटन के मामले की जांच की जाएगी। पूर्ति निरीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद दोषी कोटाधारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - निर्मला बिष्ट, उपजिलाधिकारी, सितारगंज
कोट - क्षेत्र में 78 कोटाधारक हैं। इनकी दुकानों पर करीब 3000 अंत्योदय के राशन कार्ड हैं। छह माह की चीनी न बंटने की शिकायत मिली थी। गांव की कुछ दुकानें चेक की हैं। अन्य दुकानों की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम को दी जाएगी। केके बिष्ट-पूर्ति निरीक्षक, सितारगंज