टांडा वन रेंज से खैर की लकड़ी ले जा रहे तस्कर ने वन विभाग के गश्ती दल को कुचलने का प्रयास किया। वन विभाग की टीम ने 7 किलोमीटर पीछा करके रायफल तानने के बाद लकड़ी तस्कर ने वाहन रोका। वन विभाग की टीम ने पिकप को कब्जे में लेकर तस्कर के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। लकड़ी की कीमत एक लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
वन विभाग टांडा रेंज के गस्ती दल को रात एक बजे पिकप बोलेरो संख्या यूके06ए 7473 द्वारा खैर की लकड़ी काटे जाने की सूचना मिली। सूचना के बाद टीम ने रामपुर रोड बैरियर में मोर्चा संभाल लिया तभी पिकप सामने से आती दिखाई दी, जिसे वन विभाग की टीम ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन पिकप चालक मो. इरफान पुत्र अब्दुल्ला निवासी भदईपुरा ने टीम को रौंदने का प्रयास किया।
टीम ने अपने वाहन से उसका पीछा किया। सात किलोमीटर पीछा करने के बाद जब तस्कर नहीं रुका तो टीम ने अपनी गाड़ी पिकप के बगल में लगा कर तस्कर के ऊपर रायफल तान दी। रायफल तानते ही तस्कर ने वन विभाग की बोलेरो में टक्कर मारने का प्रयास किया। सात किलोमीटर पीछा करने के बाद लकड़ी तस्कर ने अशोक लीलेंड के पास वाहन को पकड़ लिया और तराई केंद्रीय वन विभाग टांडा रेंज में खड़ा करवा दिया। वहीं वाहन को सीज कर, लकड़ी तस्कर के आरोपी दीवान मो. इरफान के खिलाफ वन अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कर वाहन सीज कर दिया है। वन दरोगा दीवान सिंह ने बताया कि खैर की लकड़ी की कीमत मार्केट में एक लाख रुपये है। टीम में वन दरोगा दीवान सिंह, मोहन सिंह, कैलाश तिवारी थे।