जेल में बंद एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा की ओर से पाम ग्रीन कॉलोनी (रुद्रपुर) में बेचे गए प्लॉट के मामले में पुलिस ने बिल्डर मोहन पाल को जांच के दायरे में लिया है। पुलिस के मुताबिक हल्द्वानी निवासी बिल्डर मोहन पाल कॉलोनी के डायरेक्टर हैं और प्लॉट के इकरारनामे में उनके दस्तखत हैं, लेकिन बिल्डर ने दस्तखत को फर्जी करार दिया है। इन दस्तखतों को जांच के लिए अब एफएसएल भेजा जाएगा।
बता दें कि आवास विकास निवासी सौरभ नारंग ने अपनी मां मंजू नारंग के नाम से उक्त कॉलोनी में एक प्लॉट खरीदा था। तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर प्रिया शर्मा से उक्त प्लॉट की कीमत 12 लाख 40 हजार रुपये तय हुई थी। तीन किस्तों में सौरभ ने 50 फीसदी रकम का भुगतान कर भी दिया था। सात मार्च 2013 के बाद से प्लॉट की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं कराई जा रही थी। कुछ समय बाद प्लॉट किसी और को बेच दिया गया।
23 मार्च को सौरभ ने रुद्रपुर में प्रिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच के लिए जहां पुलिस प्रिया शर्मा से पूछताछ में जुटी रही, वहीं बीती 23 फरवरी को पुलिस ने मोहन पाल को भी सफीना जारी कर उनसे पूछताछ करने के बाद बयान दर्ज किए थे। जांच अधिकारी कैलाश भट्ट ने बताया कि प्रिया शर्मा ने सौरभ नारंग के साथ जो इकरारनामा किया गया था, उसमें मोहन पाल के भी हस्ताक्षर थे। लेकिन, पूछताछ में मोहन पाल ने हस्ताक्षरों को फर्जी बताया। इसके बाद हस्ताक्षरों को जांच के लिए एफएसएल भेजा जा रहा है। मोहन पाल से कुछ और दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
पाम ग्रीन कॉलोनी में प्लॉट बेचने के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े में प्रिया शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है। प्लॉट के इकरारनामे में कॉलोनी के डायरेक्टर मोहन पाल के हस्ताक्षर होने के कारण उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी।
वर्ष 2012 में मोहन पाल से जुड़ी थी प्रिया शर्मा
रुद्रपुर। महज आठ वर्ष में रियल स्टेट कारोबार की बुलंदियों को छूने वाली प्रिया शर्मा ने पाम ग्रीन के डायरेक्टर मोहन पाल के संपर्क में आने के बाद से ही रियल स्टेट के कारोबार में कदम रखा था। वर्ष 2011 में प्रिया ने हल्द्वानी के एक शिक्षण संस्थान में काम किया। कुछ बड़ा करने की मंशा से प्रिया ने 2012 में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर मोहन पाल की कंपनी में रियल स्टेट कारोबार की शुरुआत की थी और इसके बाद उसने सुधीर चावला के साथ मिलकर एलाइड इन्फ्रा के नाम से अपनी कंपनी खोली।